राज्य में डिजिटल प्रशासन को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं का एकीकृत मंच बनाने के लिए सभी विभागों को अपनी ऑनलाइन सेवाएं जोड़ने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि तकनीक आधारित सेवाओं के जरिए शासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।

ई-ऑफिस और ऑनलाइन सेवाओं की समीक्षा

बैठक में सेवा सेतु के साथ-साथ ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी और ई-प्रगति पोर्टल की प्रगति का आकलन किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागों को डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाने में तेजी लानी होगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों को सेवाओं का लाभ तेजी से मिलेगा।

योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर बल

मुख्य सचिव ने सेवा सेतु सहित विभिन्न योजनाओं और पोर्टलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उनके परिणामों की लगातार निगरानी की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

विधानसभा सत्र की तैयारियों पर चर्चा

बैठक में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। सेवा सेतु सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े विभागों को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज तैयार रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को विधानसभा के दौरान उपस्थित रहकर विभागीय विषयों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए भी कहा गया।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा सेतु जैसी पहलें शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और नागरिक केंद्रित सेवाओं के विस्तार के लिए नवाचार आधारित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। बैठक में विभिन्न विभागों के सचिवों ने भी अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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