शाहिद अख्तर जनाजा विवाद उस समय चर्चा में आया जब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इन पोस्टों में दावा किया गया कि कार्यक्रम में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे कुछ लोग भी मौजूद थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
वायरल तस्वीरों में क्या दावा किया गया?
सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो में कुछ व्यक्तियों की पहचान पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों के रूप में किए जाने का दावा किया गया। इन दावों के बाद शाहिद अख्तर जनाजा विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
सैफुल्लाह कसूरी का नाम क्यों आया?
वायरल सामग्री में सैफुल्लाह कसूरी के शामिल होने का भी दावा किया गया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उसे पहलगाम आतंकी हमले के कथित साजिशकर्ताओं में शामिल मानती हैं। हालांकि, जनाजे में उसकी मौजूदगी को लेकर उपलब्ध वीडियो और तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
शाहिद अख्तर जनाजा विवाद के बाद पाकिस्तान में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोगों की सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। भारत सहित कई देश पहले भी पाकिस्तान पर आतंकी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई न करने के आरोप लगाते रहे हैं। वायरल तस्वीरों ने इन चर्चाओं को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
क्या किसी पक्ष ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी?
अब तक शोएब अख्तर, उनके परिवार या पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसी वजह से शाहिद अख्तर जनाजा विवाद से जुड़े सभी दावों की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और समाचार प्लेटफॉर्म पर लगातार चर्चा में बना हुआ है।
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