Zeenat Aman 70 के दशक की सबसे चर्चित और ग्लैमरस अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी पब्लिक इमेज और फिल्मों में निभाए गए किरदारों को लेकर खुलकर बात की। इस पूरे बयान के बाद जीनत अमान बोल्ड इमेज एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
फिल्मों में सिर्फ ग्लैमर पर था फोकस
जीनत अमान ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में उनके अभिनय से ज्यादा उनके लुक्स और ग्लैमरस इमेज पर ध्यान दिया जाता था। उन्होंने बताया कि जीनत अमान बोल्ड इमेज को हमेशा एक तय फ्रेम में रखा गया, जबकि उनकी असली सोच और व्यक्तित्व इससे काफी अलग था।
‘गाएगी, नाचेगी, बारिश में भीगेगी’ वाली सोच
अभिनेत्री ने इंडस्ट्री की सोच पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय महिलाओं के किरदारों को सीमित दायरे में देखा जाता था। जीनत अमान बोल्ड इमेज को भी अक्सर सिर्फ मनोरंजन और ग्लैमर तक ही सीमित रखा गया, जिसमें गाना, नाचना और रोमांटिक सीन शामिल होते थे।
लीड रोल में होकर भी सीमित अधिकार
जीनत अमान ने बताया कि लीड एक्ट्रेस होने के बावजूद उनके पास अपने किरदारों पर बहुत कम नियंत्रण होता था। सेट पर अधिकतर निर्णय पुरुषों के हाथ में होते थे, जिसके कारण जीनत अमान बोल्ड इमेज को एक तय दिशा में ही दिखाया जाता था।
फैशन और ग्लोबल ट्रेंड्स का असर
उन्होंने यह भी बताया कि विदेश से लौटने के बाद उनके स्टाइल और फैशन सेंस पर अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड्स का प्रभाव पड़ा। हालांकि, फिल्ममेकर्स अक्सर उनके सुझावों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करते थे, जिससे जीनत अमान और भी ज्यादा नियंत्रित रूप में सामने आती थी।
असमान वेतन और पितृसत्तात्मक सोच पर टिप्पणी
जीनत अमान ने इंडस्ट्री में जेंडर पे गैप और आर्थिक असमानता पर भी बात की। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक पुरुषों का दबदबा रहा, जिससे जीनत अमान जैसी चर्चित पहचान के बावजूद महिलाओं को सीमित अधिकार मिले।
निष्कर्ष
Zeenat Aman का यह बयान सिर्फ उनकी निजी यात्रा नहीं बल्कि पूरे बॉलीवुड के पुराने दौर की सोच को भी उजागर करता है। आज भी जीनत अमान बोल्ड इमेज भारतीय सिनेमा में ग्लैमर, संघर्ष और बदलाव की कहानी के रूप में देखी जाती है।
यह भी पढ़ें – राम कपूर चीटिंग बयान: लॉकअप 2 में आकांक्षा चमोला से हुई तीखी बहस
मैं वापस आऊंगा Box Office: महेश भट्ट ने इम्तियाज अली की फिल्म को बताया शानदार
Neymar Venezuela Earthquake Donation: नेमार की मदद, फिटनेस पर बड़ा अपडेट
