बेंगलुरु की लाइफलाइन मानी जाने वाली नम्मा मेट्रो एक बार फिर चर्चा में है। लगातार सामने आ रही नम्मा मेट्रो तकनीकी खराबी और सेवा बाधित होने की घटनाओं के बाद रेल सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (CCRS) ने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) को पिछले तीन वर्षों के सभी मामलों की जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के अनुरोध के बाद की गई।
CCRS ने BMRCL को क्या-क्या निर्देश दिए?
CCRS ने BMRCL को निर्देश दिया है कि वह पिछले तीन वर्षों में हुई सभी तकनीकी रुकावटों की समीक्षा करे और प्रत्येक घटना पर अपनाए गए सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इसके अलावा मेट्रो संचालन एवं रखरखाव प्रणाली का व्यापक तकनीकी ऑडिट कराने की सलाह भी दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
तेजस्वी सूर्या ने उठाए सुरक्षा और जवाबदेही के सवाल
बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और निर्बाध मेट्रो सेवा सुनिश्चित करना BMRCL और कर्नाटक सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और नम्मा मेट्रो तकनीकी खराबी के मूल कारणों का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
2024 से अब तक सामने आईं लगभग 20 घटनाएं
सांसद के मुताबिक जनवरी 2024 से अब तक मेट्रो सेवाएं करीब 20 बार बाधित हुई हैं। इनमें सबसे अधिक घटनाएं पर्पल लाइन पर दर्ज की गईं। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली नम्मा मेट्रो तकनीकी खराबी अब सामान्य समस्या नहीं बल्कि यात्रियों के भरोसे और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है।
क्या कहता है CCRS का कानून?
रेल सुरक्षा के मुख्य आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने स्पष्ट किया कि मेट्रो रेलवे (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम, 2002 के तहत CCRS केवल उन मामलों की वैधानिक जांच करता है जिनमें जान-माल की हानि या गंभीर चोट हुई हो। जबकि मेट्रो का सुरक्षित संचालन, नियमित रखरखाव और तकनीकी गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित मेट्रो प्रशासन की होती है।
विशेषज्ञों की सलाह के बाद भेजे गए सुझाव
तेजस्वी सूर्या ने बताया कि उन्होंने मेट्रो सुरक्षा और सिस्टम इंजीनियरिंग से जुड़े विशेषज्ञों से चर्चा के बाद BMRCL को कई सुझाव भेजे हैं। इनमें तकनीकी खामियों की पहचान, नियमित निरीक्षण और परिचालन सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
यात्रियों के भरोसे को फिर मजबूत करने की चुनौती
लगातार हो रही नम्मा मेट्रो तकनीकी खराबी से यात्रियों की चिंता बढ़ी है। ऐसे में CCRS द्वारा कराए जाने वाले ऑडिट और जांच से उम्मीद की जा रही है कि तकनीकी कमियों की पहचान होगी और भविष्य में सुरक्षित तथा भरोसेमंद मेट्रो सेवा सुनिश्चित की जा सकेगी।
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