ग्रामीण रोजगार मिशन से बदलेगी गांवों की तस्वीर
कबीरधाम जिले के गंडईखुर्द से ग्रामीण रोजगार मिशन का राज्य स्तरीय शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
उन्होंने कहा कि योजना से रोजगार बढ़ेगा। साथ ही गांवों का विकास भी तेज होगा।
मुख्य बातें
- ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा।
- दैनिक मजदूरी बढ़कर 300 रुपये हुई।
- 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए।
- गंडईखुर्द में पहला विकास कार्य स्वीकृत हुआ।
- जल संरक्षण और अधोसंरचना पर रहेगा फोकस।
- हर पंचायत अपनी विकास योजना बनाएगी।
ग्रामीण रोजगार मिशन से बढ़ेगी आय
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह योजना रोजगार तक सीमित नहीं है। इससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसलिए विकास कार्यों में तेजी आएगी। ग्रामीणों को लगातार रोजगार भी मिलेगा।
विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
ग्रामीण रोजगार मिशन के तहत 318 प्रकार के कार्य होंगे। इनमें जल संरक्षण सबसे अहम रहेगा।
डबरी, चेकडैम और रिचार्ज पिट बनाए जाएंगे। वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण सड़कें भी विकसित होंगी।
साथ ही सामुदायिक शेड, चौपाल और कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे। कृषि प्रसंस्करण केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
गंडईखुर्द बना पहला लाभार्थी गांव
गंडईखुर्द में शेड निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी मिली। यह प्रदेश का पहला स्वीकृत विकास कार्य बना।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हर पंचायत की जरूरत अलग है। इसलिए स्थानीय योजना के आधार पर काम होंगे।
मजदूरी बढ़ने से मिलेगा सीधा लाभ
मनरेगा के तहत अब 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। मजदूरी भी बढ़ाई गई है।
अब अकुशल श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इससे ग्रामीण परिवारों की आय मजबूत होगी।
पौधरोपण और जनजागरूकता अभियान
कार्यक्रम में मानव श्रृंखला बनाई गई। इसके जरिए लोगों को योजना की जानकारी दी गई।
इसके अलावा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान भी चलाया गया। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधरोपण किया। वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
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