विनेश फोगाट नोटिस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि नौ मई को जारी कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर अंतिम फैसला लिया जाए। साथ ही फैसले की जानकारी याचिकाकर्ता और कोर्ट दोनों को देने का आदेश भी दिया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा याचिका का मुख्य उद्देश्य पूरा हो चुका है। इसलिए इस याचिका का निपटारा किया जा रहा है।
फैसला लेने से पहले होगी व्यक्तिगत सुनवाई
WFI की ओर से अदालत को बताया गया कि विनेश फोगाट नोटिस पर अंतिम निर्णय लेने से पहले उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा। महासंघ ने भरोसा दिलाया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए ही फैसला लिया जाएगा।
अदालत ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए निर्धारित समय के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।
क्यों दायर की गई थी याचिका?
विनेश फोगाट ने कारण बताओ नोटिस के अलावा WFI की चयन नीति और संबंधित सर्कुलर को भी चुनौती दी थी। उनका कहना था कि चयन प्रक्रिया में लागू नियम खिलाड़ियों के साथ समान व्यवहार नहीं करते।
हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि न्यायिक आदेश के बाद विनेश को एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मिल चुकी थी। इसलिए याचिका की मूल मांग अब अप्रासंगिक हो गई है।
क्या है विनेश फोगाट नोटिस विवाद?
विनेश फोगाट नोटिस विवाद तब शुरू हुआ, जब WFI ने नौ मई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। महासंघ ने डोपिंग रोधी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए छह महीने की नोटिस अवधि अनिवार्य है।
इसी आधार पर उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। बाद में ट्रायल के दौरान उनके आचरण को लेकर भी एक नया कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
चयन नीति पर नई याचिका दायर करने की छूट
सुनवाई के दौरान विनेश की ओर से चयन नीति से जुड़े बड़े मुद्दे भी उठाए गए। लेकिन अदालत ने कहा कि इन सवालों पर अलग से सुनवाई की जरूरत होगी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि चयन नीति या सर्कुलर को चुनौती देनी है, तो उसके लिए नई रिट याचिका दायर की जा सकती है। मौजूदा याचिका केवल कारण बताओ नोटिस तक सीमित थी।
आगे क्या होगा?
अब WFI को अदालत के आदेश के अनुसार दो सप्ताह के भीतर विनेश फोगाट नोटिस पर अंतिम फैसला देना होगा। इससे पहले महासंघ विनेश का पक्ष भी सुनेगा।
यदि फैसले के बाद किसी पक्ष को आपत्ति होती है, तो वह कानूनी विकल्प अपनाने के लिए स्वतंत्र रहेगा। ऐसे में इस मामले पर आगे भी न्यायिक प्रक्रिया जारी रह सकती है।
Conclusion
विनेश फोगाट नोटिस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब WFI पर तय समय सीमा में निर्णय लेने की जिम्मेदारी है। व्यक्तिगत सुनवाई और अंतिम फैसले के बाद ही इस विवाद की अगली दिशा स्पष्ट होगी।
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