रायपुर में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दीदी के गोठ कार्यक्रम ने प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और नवाचार से जोड़ने का प्रभावी मंच उपलब्ध कराया है। रेडियो के माध्यम से प्रसारित होने वाली प्रेरक कहानियों ने हजारों महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का आत्मविश्वास दिया है। यही कारण है कि यह पहल ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का सफल मॉडल बनकर उभरी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका और ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
दीदी के गोठ कार्यक्रम से महिलाओं तक पहुंची सफलता की प्रेरक कहानियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत अगस्त 2025 में हुई थी। अब तक 12 एपिसोड प्रसारित किए जा चुके हैं। हर महीने दूसरे गुरुवार को प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम में एक सफल महिला अपनी यात्रा स्वयं साझा करती है। स्थानीय बोली में प्रस्तुत अनुभव महिलाओं को अधिक सहज रूप से प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में दुर्ग जिले की लखपति दीदी विद्या निषाद की सफलता का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना व्यवसाय शुरू किया। आज वह हर वर्ष लाखों रुपये की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से मजबूत बनी हैं। ऐसे उदाहरण ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं।
एक नजर में
- एक वर्ष में 12 एपिसोड का सफल प्रसारण।
- 25 जिलों की 38 महिलाओं की सहभागिता।
- कॉफी टेबल बुक और दो प्रकाशनों का विमोचन।
- सफल महिलाओं का सम्मान और प्रदर्शनी का आयोजन।
- आजीविका, नवाचार और स्वरोजगार पर विशेष फोकस।
दीदी के गोठ कार्यक्रम के जरिए बढ़ रहा स्वरोजगार और नवाचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बिहान समूहों से जुड़ी महिलाएं ड्रोन संचालन, जैविक खेती, पशुपालन, बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न उद्यमों में सफलता हासिल कर रही हैं। इसके अलावा सरकार डिजिटल माध्यमों से स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है। इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां
- महिलाओं को स्थानीय भाषा में प्रेरक जानकारी।
- स्वरोजगार और वित्तीय साक्षरता पर विशेष एपिसोड।
- ड्रोन दीदी, कृषि सखी और पशु सखी जैसे नवाचारों को बढ़ावा।
- साइबर सुरक्षा और बैंकिंग जागरूकता पर विशेष जानकारी।
- स्व-सहायता समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की पहल।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने महिलाओं के सशक्तिकरण में इस पहल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रदेश में दीदी के गोठ कार्यक्रम केवल रेडियो प्रसारण तक सीमित नहीं रहा है। यह महिलाओं की सफलता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को सामने लाने वाला प्रभावी मंच बन चुका है। आने वाले समय में इसके माध्यम से और अधिक महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
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