सोनम वांगचुक भूख हड़ताल

Delhi High Court PIL के माध्यम से अदालत से अनुरोध किया गया है कि सोनम वांगचुक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाए। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यदि चिकित्सकीय आवश्यकता हो, तो उनकी जान बचाने के लिए फोर्स फीडिंग की अनुमति भी दी जाए।

याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है। हालांकि, वकीलों की हड़ताल के कारण केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इसलिए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई अगली तारीख तक स्थगित कर दी।

Delhi High Court PIL से पहले क्यों शुरू हुई भूख हड़ताल

Delhi High Court PIL ऐसे समय सामने आई है, जब सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर आमरण अनशन जारी रखे हुए हैं। आंदोलन से जुड़े पक्ष की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका आरोप है कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लगातार अनशन के कारण वांगचुक का वजन काफी कम हुआ है। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय बरकरार रखा है।

आंदोलन की प्रमुख मांगें

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लागू करना।
  • पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच।
  • छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाना।

Delhi High Court PIL के बाद आगे क्या हो सकता है?

आंदोलन से जुड़े संगठन ने संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर से संसद भवन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है। इसके लिए देशभर के छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों से भागीदारी की अपील की गई है।

दूसरी ओर, Delhi High Court PIL पर अगली सुनवाई और सरकार का रुख इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है। यदि स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और गंभीर होती है, तो प्रशासन और न्यायालय दोनों स्तरों पर नए निर्णय सामने आ सकते हैं।

एक नजर में

  • स्थान: जंतर-मंतर, नई दिल्ली
  • मामला: आमरण भूख हड़ताल
  • याचिका: अस्पताल में भर्ती और फोर्स फीडिंग
  • अदालत: दिल्ली हाईकोर्ट
  • मुख्य मुद्दा: शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता

मुख्य बातें

  • सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर जनहित याचिका दायर हुई।
  • याचिका में अस्पताल में भर्ती और फोर्स फीडिंग की मांग की गई।
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
  • वांगचुक लंबे समय से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे हैं।
  • आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग से जुड़ा है।

यह भी पढ़ें: US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के तेल नेटवर्क पर कसा शिकंजा
पुणे केतन हत्या मामला: मां ने PM मोदी को लिखा भावुक पत्र
NSCBI एयरपोर्ट रनवे विस्तार के लिए बांकरा मस्जिद होगी शिफ्ट