उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। राजेंद्र चौहान गिरफ्तारी के बाद मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व मंदिर अधिकारी पर थाली भेंट की धनराशि और आभूषणों में कथित वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
मुख्य बातें
- पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान पुलिस हिरासत में।
- सीसीटीवी फुटेज जांच के बाद हुई कार्रवाई।
- थाली भेंट की नकदी और आभूषणों से जुड़ा मामला।
- आवास से केसर और विदेशी मुद्रा बरामद होने की जानकारी।
- मंदिर समिति ने निष्पक्ष जांच की बात कही।
राजेंद्र चौहान गिरफ्तारी का मामला कैसे सामने आया?
राजेंद्र चौहान गिरफ्तारी की कार्रवाई पुलिस जांच के बाद हुई। जांच अधिकारियों ने 22, 25 और 29 जून की थाली भेंट गणना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की। फुटेज में आरोपी कथित तौर पर चढ़ावे की नकदी और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए।
उस समय राजेंद्र चौहान मंदिर अधिकारी होने के साथ थाली भेंट गणना के प्रभारी भी थे। वह 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद सामने आए इस मामले ने सभी को हैरान कर दिया।
मंदिर समिति और कर्मचारियों की क्या प्रतिक्रिया रही?
घटना के बाद बदरीनाथ धाम में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने निराशा व्यक्त की। उनका कहना है कि अधिकांश कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं। कई कर्मचारी वृद्ध और असहाय तीर्थयात्रियों को दर्शन कराने में भी सहयोग करते हैं।
कर्मचारियों का मानना है कि कुछ लोगों की कथित गलती से पूरे मंदिर समिति परिवार की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजेंद्र चौहान गिरफ्तारी के बाद पुलिस को क्या मिला?
राजेंद्र चौहान गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके सरकारी आवास की तलाशी ली। इस दौरान पांच डिब्बे केसर और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने सभी सामान को कब्जे में लेकर जांच का हिस्सा बनाया है।
बदरीनाथ मंदिर में पूजा-पाठ और भोग में केसर का विशेष महत्व है। भगवान बदरीनाथ को प्रतिदिन केसर जल अर्पित किया जाता है। अभिषेक और चंदन लेप में भी इसका उपयोग होता है। इसी कारण बरामद सामग्री की भी जांच की जा रही है।
एक नजर में
- आरोपी: राजेंद्र चौहान
- संस्था: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति
- आरोप: चढ़ावा धनराशि और आभूषण में कथित अनियमितता
- जांच का आधार: सीसीटीवी फुटेज
- बरामदगी: पांच डिब्बे केसर और विदेशी मुद्रा
- स्थान: बदरीनाथ धाम, उत्तराखंड
जांच में आगे क्या होगा?
राजेंद्र चौहान गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब वित्तीय दस्तावेज, बरामद वस्तुओं और सीसीटीवी रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर समिति ने भी स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना और मंदिर की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
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