भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने पीवी सिंधू जापान ओपन जीत के साथ शानदार वापसी की है। दो साल से अधिक समय बाद उन्होंने बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। इस जीत के बाद सिंधू ने खुलासा किया कि उनके करियर के सबसे कठिन दौर में विराट कोहली की सलाह ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया।
लगातार चोटों और खराब प्रदर्शन के बीच यह जीत उनके लिए केवल ट्रॉफी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी भी है।
पीवी सिंधू जापान ओपन जीत से पहले विराट को किया था फोन
सिंधू ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उनका करियर मुश्किल दौर से गुजर रहा था। स्ट्रेस फ्रैक्चर, पेरिस ओलंपिक में निराशा और लगातार चोटों ने उनका आत्मविश्वास कमजोर कर दिया था।
ऐसे समय उन्होंने विराट कोहली से संपर्क किया। विराट ने तुरंत जवाब दिया और अगले दिन मुलाकात के लिए समय निकाला। सिंधू के अनुसार, यह मुलाकात उनके करियर की सबसे अहम बातचीत साबित हुई।
विराट की सलाह ने बदल दी सोच
सिंधू ने बताया कि विराट कोहली ने उन्हें ट्रॉफी के पीछे भागने के बजाय खेल का आनंद लेने की सलाह दी। यही एक सीख उनके लिए सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बनी।
इसके बाद उन्होंने फिटनेस, मानसिक मजबूती और तकनीक पर नए सिरे से काम शुरू किया। उन्होंने अपने पति वेंकट दत्ता साई, स्ट्रेंथ ट्रेनर वेन लोम्बार्ड और कोच इरवांश्या के साथ मिलकर तैयारी को नई दिशा दी।
सिंधू ने लगभग साढ़े तीन किलोग्राम वजन घटाया। साथ ही नेट गेम और लंबी रैलियों पर विशेष मेहनत की।
पीवी सिंधू जापान ओपन जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
जापान ओपन 2026 के फाइनल में सिंधू ने जापान की स्टार खिलाड़ी अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। इस जीत के साथ वह जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
इसके अलावा उन्होंने सुपर-750 टूर्नामेंट जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह उपलब्धि उनके शानदार संघर्ष और अनुशासन का परिणाम मानी जा रही है।
विश्व चैंपियनशिप से पहले बढ़ा आत्मविश्वास
सिंधू ने कहा कि कठिन समय में कई बार खुद पर संदेह होता है। हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना है कि यह खिताब उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा।
अब उनकी नजर नई दिल्ली में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप और आगामी एशियाई खेलों पर है। भारतीय खेल प्रेमियों को उनसे एक बार फिर बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है।
वापसी की कहानी बनी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
आज पीवी सिंधू जापान ओपन जीत केवल एक खेल उपलब्धि नहीं है। यह संघर्ष, धैर्य और सही मार्गदर्शन की मिसाल भी बन गई है। विराट कोहली की सलाह और सिंधू की मेहनत ने साबित कर दिया कि मुश्किल समय के बाद भी खिलाड़ी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
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