प्रशिक्षु अधिकारी

प्रशिक्षु अधिकारीों से राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोकभवन में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा जनता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्व निभाने चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि चुनौतियों के बीच ही बेहतर अवसर मिलते हैं। इसलिए हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। साथ ही जनहित को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लेने चाहिए।

प्रशिक्षु अधिकारी के लिए जनसंवाद जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारीों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करना चाहिए। लोगों से सीधे संवाद करना भी आवश्यक है। इससे समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में आसानी होती है।

उन्होंने कहा कि जो कार्य संभव हो, उसे समय पर पूरा किया जाए। यदि कोई कार्य संभव नहीं है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी नागरिकों को दी जानी चाहिए। इससे प्रशासन पर भरोसा मजबूत होता है।

मुख्य बातें

  • लोकभवन में प्रशिक्षु अधिकारियों ने राज्यपाल से मुलाकात की।
  • प्रशासनिक सेवा को जनसेवा का माध्यम बताया।
  • जनता से संवाद बढ़ाने की सलाह दी।
  • पारदर्शी और निष्पक्ष निर्णय लेने पर जोर।
  • सुशासन और जन विश्वास को मजबूत करने की अपील।

तार्किक सोच और संवेदनशील प्रशासन पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक निर्णय तथ्यों के आधार पर होने चाहिए। प्रत्येक अधिकारी को निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को न्याय दिलाना हर लोक सेवक की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन में मानवीय दृष्टिकोण होना जरूरी है। तभी शासन की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

युवा अधिकारियों से बड़ी उम्मीद

प्रशिक्षु अधिकारी देश और प्रदेश के भविष्य के प्रशासन का हिस्सा हैं। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना होगा। छत्तीसगढ़ जैसे शांत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य में सेवा करना सौभाग्य की बात है।

मुख्य अपडेट

  • वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की मुलाकात।
  • राज्यपाल ने सेवा भाव और ईमानदारी का संदेश दिया।
  • क्षेत्र भ्रमण और जनसंवाद पर दिया जोर।
  • पारदर्शी प्रशासन को बताया आवश्यक।
  • प्रशिक्षण अकादमी के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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