छात्रों के प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन बंद होने का मुद्दा सर्वोच्च अदालत में उठा। सुनवाई के दौरान CJI Surya Kant ने कहा कि यदि दोपहर तक इस समस्या का समाधान नहीं निकलता है, तो वह स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को पहले ही दिल्ली मेट्रो अधिकारियों से संपर्क करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उनका उद्देश्य अदालत आने वाले वकीलों, कर्मचारियों और पक्षकारों की परेशानी को जल्द दूर करना है।
बार एसोसिएशन ने रखी विशेष मांग
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने अदालत के सामने कहा कि जिन लोगों के पास वैध प्रवेश पास या प्रॉक्सिमिटी कार्ड हैं, उन्हें सुरक्षा जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति मिलनी चाहिए।
उन्होंने तर्क दिया कि मेट्रो स्टेशन पर केवल एक निकास बिंदु होने के कारण प्रभावी सुरक्षा जांच संभव है। इसलिए अधिकृत लोगों को यात्रा की अनुमति देने से अदालत के कामकाज पर पड़ने वाला असर कम किया जा सकता है।
CJI Surya Kant ने वकीलों को भी दी राहत
CJI Surya Kant ने सुनवाई के दौरान यह भी बताया कि एक सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि किसी वकील की अनुपस्थिति मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण है, तो उसके खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाए।
इस फैसले से अदालत में पेश होने वाले वकीलों और पक्षकारों को अस्थायी राहत मिली है। साथ ही अदालत ने संकेत दिया कि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
DMRC ने क्यों बंद किए 16 मेट्रो स्टेशन?
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने ‘चलो संसद’ प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सुबह 7:30 बजे से 16 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया।
हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज सेवा जारी रखी गई। इससे अन्य मेट्रो लाइनों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ राहत मिली।
प्रभावित मेट्रो स्टेशन
- सुप्रीम कोर्ट
- राजीव चौक
- लोक कल्याण मार्ग
- पटेल चौक
- जनपथ
- मंडी हाउस
- सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
- सेवा तीर्थ
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- बाराखंभा रोड
मुख्य अपडेट
- मेट्रो स्टेशन बंद होने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
- अधिकारियों को समाधान निकालने का समय दिया गया।
- वकीलों के लिए विशेष अनुमति की मांग उठी।
- अदालत ने प्रतिकूल आदेश नहीं देने का निर्देश दिया।
- सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए।
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