भारतीय हॉकी टीम का ऐलान एशियाई खेल 2026 के लिए कर दिया गया है। हॉकी इंडिया ने 20 सदस्यीय पुरुष टीम की घोषणा की है। यह टूर्नामेंट 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित होगा।
हरमनप्रीत सिंह टीम की कप्तानी करेंगे। अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। भारत मौजूदा चैंपियन के रूप में अपने खिताब की रक्षा के इरादे से मैदान में उतरेगा।
पूल-A में भारत के सामने मजबूत चुनौती
भारतीय हॉकी टीम को पूल-A में रखा गया है। इस ग्रुप में मेजबान जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया की टीमें शामिल हैं।
सभी मुकाबले काकामीगाहारा के गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले जाएंगे। ग्रुप चरण में भारत की कोशिश जीत के साथ अभियान शुरू करने की होगी।
ओलंपिक टिकट पर भी रहेगी नजर
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि टीम अनुभव और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है। उन्होंने भरोसा जताया कि खिलाड़ी जापान की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट जीतने वाली टीम सीधे LA 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेगी। इसलिए यह प्रतियोगिता भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
भारतीय हॉकी टीम की रणनीति क्या होगी?
- शुरुआती मुकाबलों में जीत दर्ज करना।
- पूल चरण में शीर्ष स्थान हासिल करना।
- गोल्ड मेडल बचाने का लक्ष्य पूरा करना।
- LA 2028 ओलंपिक का सीधा टिकट हासिल करना।
- अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलन का फायदा उठाना।
हरमनप्रीत सिंह ने जताया पूरा भरोसा
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि टीम का हर खिलाड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा और वरिष्ठ खिलाड़ी मिलकर शानदार प्रदर्शन करेंगे।
हरमनप्रीत ने कहा कि टीम बिना दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलेगी। यही सोच सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होगी।
डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगा भारत
भारत ने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में स्वर्ण पदक जीता था। अब टीम उसी उपलब्धि को दोहराने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
भारतीय हॉकी टीम के पास कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाएं भी मौजूद हैं। इससे टीम का संतुलन और मजबूत नजर आ रहा है।
स्वर्ण पदक बचाने की बड़ी चुनौती
भारतीय हॉकी टीम के सामने इस बार दोहरी चुनौती होगी। एक ओर उसे अपना एशियाई खेलों का खिताब बचाना है। दूसरी ओर सीधे ओलंपिक क्वालीफिकेशन का लक्ष्य भी हासिल करना है। यदि टीम अपने प्रदर्शन को बरकरार रखती है, तो भारत लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स हॉकी चैंपियन बनने का इतिहास रच सकता है।
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