अभिजीत दीपके

दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन को लेकर सियासी बयानबाजी फिर तेज हो गई है। अभिजीत दीपके ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग नहीं होना चाहिए था।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। साथ ही सरकार को छात्रों की आवाज सुनने की जरूरत है।

मुख्य बातें

  • छात्र आंदोलन को लेकर नया राजनीतिक विवाद।
  • अमित शाह के इस्तीफे की मांग दोहराई गई।
  • पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए गए।
  • जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
  • किसानों के मुद्दे पर समर्थन का भरोसा जताया।

जांच एजेंसियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर क्या कहा?

पत्रकारों से बातचीत में अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक था। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं की भूमिका पर भी चिंता जताई। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर क्या आरोप लगाए?

दीपके ने दावा किया कि आंदोलन से पहले पुलिस की तैयारियों पर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थल के आसपास पत्थरों से भरे ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वाहन मौजूद था।

पुलिस ने इन दावों को निर्माण कार्य से जुड़ा बताया। इसके बावजूद अभिजीत दीपके ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

शिक्षा मंत्री, बाबा रामदेव और किसानों पर भी दिए बयान

दीपके ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा बाबा रामदेव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को सामाजिक विषयों पर संतुलित बयान देना चाहिए।

उन्होंने किसानों के मुद्दे पर भी अपना समर्थन जताया। उनका कहना था कि यदि भविष्य में किसानों को जरूरत होगी तो उनका संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा।

एक नजर में

  • छात्र आंदोलन को लोकतांत्रिक बताया।
  • गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
  • केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
  • दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की जांच की मांग।
  • किसानों के समर्थन का भरोसा दिलाया।

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