दीपक रात्रे

शुक्रवार देर शाम कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में हुए जम्मू-कश्मीर आतंकी हमला में आतंकियों ने मजदूरों पर गोलीबारी की। इस हमले में सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे की जान चली गई।

बताया गया कि दीपक अपनी पत्नी के साथ सात-आठ महीने पहले रोजगार की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए थे। वह ईंट भट्ठे पर काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है।

मुख्य बातें

  • कुलगाम जिले में हुआ आतंकी हमला।
  • सक्ती निवासी दीपक रात्रे की मौत।
  • परिवार के इकलौते कमाने वाले थे।
  • प्रशासन पार्थिव शरीर लाने में जुटा।
  • मुख्यमंत्री ने सहायता का भरोसा दिया।

परिवार के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट

दीपक रात्रे के परिवार में वृद्ध मां, दिव्यांग भाई, पत्नी और चार महीने का बेटा है। पिता का पहले ही निधन हो चुका था। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी दीपक पर ही थी।

परिजनों के अनुसार, बेहतर रोजगार की उम्मीद में वह घर से दूर काम करने गए थे। लेकिन जम्मू-कश्मीर आतंकी हमला ने पूरे परिवार का सहारा छीन लिया। गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जम्मू-कश्मीर आतंकी हमला के बाद सरकार ने दिए निर्देश

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। पार्थिव शरीर को सक्ती लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जम्मू-कश्मीर आतंकी हमला में मजदूरों की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

एक नजर में

  • मृतक दीपक रात्रे की उम्र 24 वर्ष।
  • सक्ती जिले के बुंदेली गांव के निवासी।
  • परिवार में मां, दिव्यांग भाई, पत्नी और चार माह का बच्चा।
  • शव को छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया जारी।
  • सरकार ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

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