झारखंड में झारखंड छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्र रांची में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए। इसके बावजूद छात्र आगे बढ़े। दूसरी ओर भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर राज्य सरकार पर निशाना साधा। इससे पूरे राज्य का राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया।
झारखंड छात्र आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। विधानसभा मार्ग पर रेजर फेंसिंग लगाई गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही 750 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की गई। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई स्कूल भी बंद रखने का निर्णय लिया।
छात्र किन मांगों को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन?
आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन में उठीं प्रमुख मांगें
- भर्ती परीक्षाओं की CBI से जांच।
- वर्ष 2019 के बाद की कुछ परीक्षाएं रद्द करने की मांग।
- OMR कॉपी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराना।
- श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करना।
- नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करना।
- दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई।
छात्रों का आरोप है कि इन मुद्दों पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
सरकार और छात्रों के बीच सहमति क्यों नहीं बनी?
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच छठे दौर की बातचीत हुई। सरकार ने दावा किया कि अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। हालांकि, छात्र संगठनों ने इस दावे को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि परीक्षा रद्द करने और निष्पक्ष जांच जैसे मुख्य मुद्दों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।
ED की जांच से बढ़ी मामले की गंभीरता
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ECIR दर्ज की है। इससे जांच को नई दिशा मिलने की संभावना है। जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। वहीं छात्र निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते रहे हैं।
मुख्य बातें
- रांची में छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च निकाला।
- कई जगह बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
- भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया।
- सरकार और छात्रों की वार्ता बेनतीजा रही।
- ED की जांच से मामला और गंभीर हुआ।
आगे क्या हो सकता है?
यदि सरकार और छात्र संगठनों के बीच जल्द समाधान नहीं निकलता, तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है। दूसरी ओर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है। आने वाले दिनों में सरकार के फैसले और जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।
एक नजर में
- भर्ती परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं पर आंदोलन जारी।
- विधानसभा घेराव के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई।
- छात्र CBI जांच और भर्ती सुधार की मांग कर रहे हैं।
- सरकार ने अधिकांश मांगें मानने का दावा किया।
- छात्र संगठनों ने सरकार के दावे को अस्वीकार किया।
यह भी पढ़ें: सेन शक्ति सम्मेलन: मुख्यमंत्री साय ने सेन समाज के लिए की बड़ी घोषणाएं
