पश्चिम एशिया संकट लगातार गहराता जा रहा है। ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच तनाव कम होने के बजाय नए मोर्चों पर फैल रहा है। गाजा में युद्ध अब भी जारी है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान नई शर्तों के साथ बातचीत कर रहा है। दूसरी ओर, यमन में हूती हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। इन घटनाओं के कारण वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
पश्चिम एशिया संकट में गाजा पर क्यों बनी हुई है तनातनी?
इस्राइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15 सूत्री गाजा योजना को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि जब तक हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं होगा, तब तक इस्राइली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी।
हालांकि, हमास का कहना है कि मध्यस्थ देशों और अमेरिका को इस्राइल पर दबाव बनाना चाहिए। ताकि स्थायी युद्धविराम का रास्ता निकल सके। यही कारण है कि कई दौर की कोशिशों के बावजूद कोई व्यापक समझौता नहीं हो पाया है।
गाजा युद्ध के समाधान में क्या सबसे बड़ी बाधा है?
गाजा में मौजूदा संघर्ष अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद इस्राइल ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। बीच-बीच में संघर्षविराम की कोशिशें हुईं। लेकिन स्थायी शांति अब भी दूर है।
इस्राइल और हमास दोनों अपनी-अपनी शर्तों पर कायम हैं। इसलिए बातचीत आगे बढ़ने के बावजूद निर्णायक समाधान नहीं निकल सका है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच होर्मुज पर ईरान की नई रणनीति
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जहाज तय समुद्री मार्ग से आवाजाही कर सकेंगे। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि जलमार्ग पूरी तरह खोलने से पहले कई राजनीतिक और कानूनी शर्तें पूरी करनी होंगी।
इसके अलावा ईरान ने संकेत दिया है कि जिन देशों से उसे नुकसान पहुंचा है, उनके जहाजों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।
ईरान की चेतावनी और हूती हमलों से बढ़ी चिंता
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि कोई अमेरिकी सैनिक उसकी सीमा में प्रवेश करता है, तो सेना जवाबी कार्रवाई करेगी। वहीं, यमन में हूती विद्रोहियों ने मोखा बंदरगाह और सऊदी अरब की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले का दावा किया है।
इन घटनाओं ने लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ा दी हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर भी अनिश्चितता गहरा गई है।
मुख्य बातें
- इस्राइल ने ट्रंप की गाजा योजना को खारिज कर दिया।
- गाजा में स्थायी युद्धविराम पर सहमति नहीं बन सकी।
- ईरान और ओमान के बीच होर्मुज पर बातचीत जारी है।
- हूती हमलों से यमन और लाल सागर क्षेत्र में तनाव बढ़ा।
- अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत अब भी बंद है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में सभी प्रमुख देशों के अगले कदम अहम होंगे।
एक नजर में
- संघर्ष 163वें दिन भी जारी है।
- गाजा में युद्ध समाप्त होने के संकेत नहीं हैं।
- होर्मुज पर नई रणनीति पर बातचीत जारी है।
- हूती हमलों ने क्षेत्रीय तनाव और बढ़ाया।
- पश्चिम एशिया संकट पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
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