विष्णुदेव साय

भारत के विभाजन की त्रासदी केवल इतिहास का विषय नहीं है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी है। राष्ट्रीय एकता संकल्प के साथ आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में सुरक्षित रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि इतिहास को याद रखना भविष्य को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी भी है।

मुख्य बातें

  • रायपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन हुआ।
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित किया।
  • विभाजन पीड़ित परिवारों को श्रद्धांजलि और सम्मान दिया गया।
  • संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक मौन जुलूस निकाला गया।
  • डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने राष्ट्रीय एकता पर विशेष व्याख्यान दिया।

राष्ट्रीय एकता संकल्प से भविष्य को मजबूत बनाने का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन लाखों परिवारों के लिए गहरी मानवीय त्रासदी था। अनेक लोगों ने अपना घर, संपत्ति और प्रियजनों को खो दिया। इसके बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में नया जीवन शुरू किया और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि विभाजन की स्मृतियां केवल अतीत को याद करने के लिए नहीं हैं। उनका उद्देश्य समाज को एकजुट रखना और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक करना भी है। इसलिए राष्ट्रीय एकता संकल्प हर नागरिक के जीवन का हिस्सा बनना चाहिए।

मौन जुलूस के जरिए विभाजन पीड़ितों को श्रद्धांजलि

समारोह के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक निकाले गए मौन जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष और साहस को नमन किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय एकता संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।

राष्ट्रीय एकता संकल्प पर डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी के विचार

समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र की पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने वाली शक्तियों के प्रति सतर्क रहना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास से मिली सीख भविष्य को सुरक्षित बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। इसलिए राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

एक नजर में

  • मुख्यमंत्री ने इतिहास से सीख लेने का आह्वान किया।
  • विभाजन पीड़ित परिवारों के संघर्ष को सम्मान दिया गया।
  • रायपुर में राज्य स्तरीय समारोह और मौन जुलूस आयोजित हुआ।
  • डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे।
  • एकता, अखंडता और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया।

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