रात में करवटें बदलते रहना, बार-बार नींद टूटना या सुबह थका हुआ उठना — इन शिकायतों के पीछे सिर्फ तनाव या स्क्रीन टाइम नहीं, बल्कि दिनभर की अधूरी पानी की मात्रा भी बड़ी वजह हो सकती है। हाल ही में सामने आए स्वास्थ्य शोधों के मुताबिक पानी की कमी और नींद के बीच सीधा संबंध पाया गया है, जो अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
पानी की कमी और नींद का कनेक्शन क्या कहता है विज्ञान?
शरीर में पर्याप्त पानी न पहुंचने से गला और सांस की नली सूखने लगती है, मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है और स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इन सबका सीधा असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है। इसके उलट, दिनभर सही मात्रा में पानी पीने से शरीर की सर्केडियन रिदम यानी नींद-जागने का प्राकृतिक चक्र बेहतर तरीके से काम करता है।
जरूरी बातें जो हर किसी को पता होनी चाहिए
- कम पानी पीने से गला और नाक की नली सूखती है, जिससे खर्राटे और नींद में बाधा बढ़ सकती है
- डिहाइड्रेशन से मांसपेशियों में ऐंठन (क्रैम्प) की आशंका बढ़ जाती है, जो नींद में खलल डालती है
- शरीर में पानी की कमी से स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर ऊपर जाता है, जिससे मन अशांत रहता है
- दिनभर सही हाइड्रेशन बनाए रखने से नींद जल्दी आती है और वह गहरी भी होती है
- सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पीने से बार-बार बाथरूम जाना पड़ सकता है, इसलिए संतुलन जरूरी है
नींद और वजन का भी रिश्ता
नींद की कमी सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हुए एक अध्ययन में पाया गया कि लगातार छह हफ्तों तक रोजाना करीब एक घंटा 20 मिनट कम सोने वाले लोगों का वजन बढ़ा और उनकी शारीरिक सक्रियता भी घट गई। नींद की कमी शरीर में भूख बढ़ाने वाले हॉर्मोन घ्रेलिन को बढ़ाती है और भूख कम करने वाले हॉर्मोन लेप्टिन को घटाती है, जिससे अनियंत्रित खानपान की आदत बन सकती है।
दिनभर सही मात्रा में पानी कैसे पिएं
सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीने की आदत डालें, इससे शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रिया सक्रिय होती है। दिन में हर एक-दो घंटे पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें, एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने से बचें। चाय-कॉफी के साथ भी सामान्य पानी की मात्रा बनाए रखें, क्योंकि कैफीन शरीर से पानी निकालने का काम भी करता है। मौसम गर्म या उमस भरा हो तो पानी की जरूरत और बढ़ जाती है, ऐसे में नारियल पानी, छाछ या फलों का सेवन भी मददगार है।
पानी पीने के अलावा नींद सुधारने के आसान तरीके
सोने और जागने का समय रोज एक जैसा रखने की कोशिश करें, इससे शरीर की जैविक घड़ी संतुलित रहती है। सोने से एक घंटा पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं। कमरे का तापमान ठंडा और अंधेरा रखने से नींद जल्दी और गहरी आती है। रात के खाने और सोने के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर रखें।
किन लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है
जिन लोगों को पहले से किडनी, हृदय या नींद से जुड़ी कोई बीमारी है, उन्हें पानी की मात्रा खुद तय करने के बजाय डॉक्टर की सलाह से ही अपना हाइड्रेशन प्लान बनाना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थितियों में ज्यादा या कम पानी दोनों नुकसानदायक हो सकते हैं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे चिकित्सीय सलाह न समझें। नींद या स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Stair Climbing Knee Benefits: पैर होंगे मजबूत