महिला सशक्तिकरण, विष्णु देव साय,

जशपुर जिले के पंडरीपानी में रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बहनों से संवाद किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें उपहार देकर सम्मान जताया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रगति से परिवार और समाज मजबूत होता है। सरकार इसी सोच के साथ विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत महिलाएं परिवार के फैसलों में अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ रही है। स्व-सहायता समूहों के जरिए भी आजीविका के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

महतारी वंदन योजना को भी उन्होंने महत्वपूर्ण पहल बताया। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस राशि से महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ रहा है।

महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी सदन की भूमिका

पंडरीपानी में करीब 64 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ। इसमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल रहा। यह केंद्र महिलाओं की बैठक और प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा।

मुख्यमंत्री ने फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन बनाने की घोषणा की। इन केंद्रों से महिला समूहों को सामूहिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान मिलेगा।

मुख्य बातें

  • पंडरीपानी में मुख्यमंत्री ने बहनों से संवाद किया।
  • महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
  • पंडरीपानी में महतारी सदन का लोकार्पण हुआ।
  • फरसाबहार और भेलवा में नए महतारी सदन बनेंगे।
  • दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क के लिए 3.23 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।

महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में योजना की 31वीं किस्त पहुंचाई गई। इस दौरान 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई।

त्योहार को ध्यान में रखते हुए सितंबर की किस्त पहले जारी की गई। इससे बहनें रक्षाबंधन की तैयारियां बेहतर तरीके से कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

स्व-सहायता समूहों को आजीविका विस्तार में मदद

कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता के चेक भी दिए गए। मोंगरा, वैष्णवी और चांद समूहों को 1.50-1.50 लाख रुपये मिले। प्रतिज्ञा समूह को एक लाख रुपये की सहायता मिली।

इन समूहों को सहायता से अपने काम का विस्तार करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर भी बनेंगे। मुख्यमंत्री ने समूहों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

बेटियों और ग्रामीण परिवारों को भी मिली सौगात

कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत दो बालिकाओं को खाता पासबुक दी गई। मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को महत्वपूर्ण बताया।

वहीं, स्वामित्व योजना के तहत पांच हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। इससे संबंधित परिवारों को संपत्ति के दस्तावेजी अधिकार मिलेंगे।

एक नजर में:

  • महिला समूहों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
  • दो बालिकाओं को सुकन्या समृद्धि की पासबुक मिली।
  • पांच हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख दिए गए।
  • दानी मोड़ा बस्ती के लिए सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ।
  • फरसाबहार और भेलवा में महतारी सदन प्रस्तावित हैं।

सुशासन और डिजिटल सेवाओं पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवाओं को लोगों तक आसान तरीके से पहुंचाना जरूरी है। सेवा सेतु के जरिए 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, जनसमस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है।

कुल मिलाकर, पंडरीपानी का कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान और विकास पर केंद्रित रहा। महिला सशक्तिकरण को आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया गया। महतारी सदन और स्व-सहायता समूहों को मिली सहायता इसी दिशा में कदम हैं। महिला सशक्तिकरण के साथ ग्रामीण विकास को गति देने की कोशिश भी दिखाई दी। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।


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