छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुराने विवाद ने देर रात गंभीर रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई झड़प के बाद जमकर पथराव हुआ। घटना में तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत 24 से ज्यादा लोग घायल हुए। पथराव के दौरान कई घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है।
बिलासपुर बवाल के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात का जायजा लेकर पुलिस बल को आवश्यक निर्देश दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
पथराव के दौरान टीआई रवि तिवारी के सिर में चोट लगी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर घटनास्थल से बाहर निकाला। इसके बाद संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया गया।
सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर कथित टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और झड़प हुई। कुछ ही देर में स्थिति पथराव तक पहुंच गई।
बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए। इसके बाद कई स्थानों पर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचने की सूचना सामने आई है।
एक नजर में:
- दो पक्षों के बीच विवाद के बाद झड़प हुई।
- पथराव में 24 से ज्यादा लोग घायल हुए।
- तारबाहर टीआई को भी चोट लगी।
- घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई।
- पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया।
बिलासपुर बवाल में करीब 50 लोगों पर FIR
पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। करीब 50 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों पर बलवा समेत संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की गई है।
एफआईआर के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। अलग-अलग स्थानों पर पुलिस टीमों द्वारा दबिश दी जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन से मिले वीडियो की भी जांच कर रही है।
दूसरे जिलों से बुलाया गया पुलिस बल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जांजगीर-चांपा और मुंगेली से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके अलावा सीएएफ का बल भी तैनात किया गया। सुबह करीब चार बजे तक थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
निगरानी के लिए ड्रोन और CCTV का इस्तेमाल
पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। इसके साथ ही ड्रोन फुटेज की भी जांच की जा रही है। इन रिकॉर्डिंग के जरिए पथराव और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई:
- आरोपियों की पहचान का काम जारी।
- सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
- ड्रोन से संवेदनशील इलाकों की निगरानी।
- संदिग्ध आरोपियों के ठिकानों पर दबिश।
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।
फिलहाल बिलासपुर बवाल के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। साथ ही, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कुल मिलाकर, बिलासपुर बवाल के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बल तैनात है।
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