महिला सशक्तिकरण, महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी,

रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व आत्मीय माहौल में मनाया गया। विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने बहनों के स्नेह और आशीर्वाद को प्रदेश की सेवा के लिए प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है। यह पर्व सम्मान, सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का आयोजन

कार्यक्रम में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से महिलाएं शामिल हुईं। इनमें महिला पत्रकार, स्व-सहायता समूहों की सदस्य, लखपति दीदियां और ड्रोन दीदियां शामिल थीं।

इसके अलावा, ई-रिक्शा दीदियों और दिव्यांग बहनों ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी। स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर को भावुक और गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का विश्वास उन्हें जनसेवा के लिए और अधिक समर्पित होकर काम करने की प्रेरणा देता है।

महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना को महिलाओं की आर्थिक मजबूती से जोड़ा। उनके अनुसार, प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता मिल रही है।

रक्षाबंधन को देखते हुए योजना की 31वीं किस्त समय से पहले जारी की गई। 25 अगस्त को 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थी महिलाओं के खातों में अंतरित की गई।

सरकार के अनुसार, इस सहायता का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत में कर रही हैं। वहीं, कुछ महिलाएं इसे आजीविका गतिविधियों में भी लगा रही हैं।

लखपति दीदी बनीं आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल

महिला सशक्तिकरण के तहत लखपति दीदी पहल को भी प्रमुख उपलब्धि बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था।

प्रदेश में पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। यह आंकड़ा महिलाओं की मेहनत, उद्यमशीलता और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

ड्रोन दीदी से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। ड्रोन दीदियां खेतों में उर्वरक और कृषि दवाओं के छिड़काव का काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रति एकड़ छिड़काव से करीब 300 रुपये की आय हो सकती है। वहीं, 20 से 25 एकड़ में काम करने पर ड्रोन दीदियां प्रतिदिन छह से सात हजार रुपये तक कमा सकती हैं।

इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए तकनीक आधारित आजीविका के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। साथ ही, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग भी बढ़ रहा है।

ई-रिक्शा से महिलाओं को मिला आजीविका का अवसर

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां कार्य कर रही हैं।

जशपुर के बगिया में रक्षाबंधन के अवसर पर 50 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए। इससे उन्हें सम्मानजनक रोजगार और नियमित आय का साधन मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं सेटरिंग प्लेट जैसे व्यवसायों से भी जुड़ रही हैं। इससे उनके लिए पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़ने के विकल्प बन रहे हैं।

महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा

महिला सशक्तिकरण का दायरा आर्थिक गतिविधियों के साथ नेतृत्व तक भी बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने का उल्लेख किया।

इसके कारण स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी मजबूत हुई है। कई महिलाएं सरपंच के रूप में गांवों के विकास से जुड़े फैसलों में भूमिका निभा रही हैं।

वहीं, महिला पत्रकारों के साहस और जिम्मेदारी की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रही महिला पत्रकारों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

महिला उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक नीति

सरकार महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें उद्यमी बनाने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान है।

महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां होने की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से औद्योगिक नीति के प्रावधानों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाएं सफल उद्यमी बनकर रोजगार के नए अवसर भी तैयार कर सकती हैं।

विकसित छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर महिलाएं मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला बन सकती हैं। इसलिए योजनाओं के साथ कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी जरूरी हैं।

कुल मिलाकर, महिला सशक्तिकरण को आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी कौशल और नेतृत्व से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। महतारी वंदन, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा जैसी पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया।
  • विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
  • महतारी वंदन योजना से करीब 68 लाख महिलाओं को सहायता मिल रही है।
  • छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने की जानकारी दी गई।
  • ड्रोन और ई-रिक्शा के जरिए महिलाओं को आजीविका के अवसर मिल रहे हैं।

महिलाओं के लिए प्रमुख अवसर

  • स्व-सहायता समूहों के जरिए नए व्यवसायों को बढ़ावा।
  • ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन तकनीक से जोड़ने की पहल।
  • ई-रिक्शा के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर।
  • पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने पर जोर।
  • महिला उद्यमियों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन।
  • आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ नेतृत्व को बढ़ावा।


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