रवि वलेचा

बॉलीवुड में कुछ बाल कलाकार ऐसे रहे हैं, जिनकी पहचान फिल्मों से आगे बढ़ी। रवि वलेचा भी इसी सूची में शामिल हैं। उन्होंने महज चार साल की उम्र में अभिनय शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया।

बाल कलाकार के तौर पर उन्हें अमिताभ बच्चन के युवा किरदार निभाने के लिए खास पहचान मिली। हालांकि, बड़े होने के बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया से अलग रास्ता चुना। आज उनका करियर हॉस्पिटैलिटी और प्रशासन से जुड़ा है।

चार साल की उम्र में शुरू हुआ सफर

फिल्मों में रवि वलेचा की एंट्री एक दिलचस्प घटना से हुई थी। वह अपने भाई के साथ ‘फकीरा’ के सेट पर पहुंचे थे। वहां शशि कपूर से हुई मुलाकात के बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला। ‘फकीरा’ 1976 में रिलीज हुई थी।

इस फिल्म में उन्होंने शबाना आजमी के बेटे की भूमिका निभाई। इसके बाद उनका बाल कलाकार के रूप में सफर लगातार आगे बढ़ता गया।

जूनियर अमिताभ के नाम से मिली पहचान

अभिनय के दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन के बचपन के कई किरदार निभाए। ‘अमर अकबर एंथनी’ से उन्हें इस रूप में खास पहचान मिली। इसके बाद ‘कुली’, ‘शक्ति’ और ‘मिस्टर नटवरलाल’ जैसी फिल्मों में भी उनका काम देखने को मिला।

इसी वजह से उन्हें ‘जूनियर अमिताभ बच्चन’ कहा जाने लगा। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने बाल कलाकार के तौर पर कई भाषाओं में काम किया।

300 से ज्यादा फिल्मों का दावा

रवि वलेचा का बाल कलाकार के रूप में करियर करीब 14-15 साल तक चला। India Book of Records के अनुसार, उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। उनके काम में हिंदी के साथ कई क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में भी शामिल थीं।

हालांकि, उनके रिकॉर्ड से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों में अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं। उनके अपने एक रिकॉर्ड संबंधी पोस्ट में उन्होंने बताया था कि 300 से अधिक फिल्मों में काम किया, जबकि 130 फिल्मों के प्रमाण उपलब्ध थे।

अभिनय के बाद चुना हॉस्पिटैलिटी सेक्टर

बचपन में लगातार शूटिंग करने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई। आगे चलकर उन्होंने शिक्षा पर ध्यान दिया। इसके बाद उन्होंने कुकिंग और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े क्षेत्र में प्रशिक्षण लिया।

उन्होंने प्रोफेशनल शेफ के तौर पर भी काम किया। बाद में उनका करियर हॉस्पिटैलिटी, प्रशासन और कॉर्पोरेट क्षेत्र तक पहुंचा। उनके प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने हॉस्पिटैलिटी और इंटरनेशनल बिजनेस में MBA भी किया है।

करियर में कई क्षेत्रों का अनुभव

रवि वलेचा ने होटल इंडस्ट्री में काम करने के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालीं। उनके करियर में होटल मैनेजमेंट, ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और टैलेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं।

इस तरह उनका सफर फिल्म सेट से शुरू होकर कॉर्पोरेट दुनिया तक पहुंचा। उन्होंने अभिनय के बाद अपने कौशल को नए क्षेत्रों में विकसित किया।

अब नए कलाकारों के लिए नई योजना

फिल्म इंडस्ट्री से दूरी के बावजूद उनका सिनेमा से जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। रवि वलेचा अब ऐसा फिल्म इंस्टीट्यूट शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जहां उभरते कलाकारों को किफायती दरों पर प्रशिक्षण दिया जा सके।

उनका यह प्रयास अभिनय के लंबे अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश है। खास बात यह है कि उनका करियर खुद बदलाव और नए अवसर तलाशने की मिसाल बन चुका है।

बचपन की लोकप्रियता से अलग बनाई पहचान

एक समय पर्दे पर अमिताभ बच्चन के बचपन का किरदार निभाने वाले इस कलाकार ने बाद में कैमरे से दूरी बना ली। इसके बजाय उन्होंने शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी और प्रशासन को अपनी पेशेवर पहचान बनाया।

रवि वलेचा की कहानी बताती है कि करियर में बदलाव के बाद भी सफलता हासिल की जा सकती है। उनका अगला लक्ष्य नए कलाकारों को प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।


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