मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में बयान देते हुए

विकसित छत्तीसगढ़: सीएम विष्णुदेव साय ने बताईं बस्तर से निवेश तक की उपलब्धियां

छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से आगे बढ़कर विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में यह बात एक कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि राज्य की पुरानी पहचान अब बदल चुकी है. सबसे पहले उन्होंने नक्सल उन्मूलन में मिली सफलता का जिक्र किया. इसके बाद उन्होंने बस्तर के विकास, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, निवेश और तकनीक से जुड़े कदम भी बताए.

मुख्यमंत्री साय रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे. एक न्यूज चैनल ने यह विशेष मंच तैयार किया था. इस अवसर पर उन्होंने राज्य की उपलब्धियों की पूरी झलक पेश की. यही वजह है कि उनकी बातचीत हर बड़े मुद्दे को छूकर गुजरी.

नक्सलवाद पर मिली निर्णायक सफलता

मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहम बैठक बुलाई थी. उस दौर में देश के बचे नक्सल प्रभाव का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा अकेले छत्तीसगढ़ में केंद्रित था. हालांकि केंद्र और राज्य की साझा रणनीति से हालात तेजी से बदले. उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को इस सफलता का श्रेय दिया. दूसरी तरफ उन्होंने अपने गृह क्षेत्र सरगुजा का उदाहरण भी दिया, जो पहले ही नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है.

बस्तर में विकास की नई रणनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर करीब चार दशकों तक विकास से वंचित रहा. इसी सोच के साथ सरकार ने ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की. नतीजतन सुरक्षा कैंपों के पास सड़क, राशन और स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से पहुंचीं. अब इन कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां युवाओं को कौशल प्रशिक्षण भी मिलेगा.

सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाना है. इसके लिए ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी बनेगी. साथ ही गीदम में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिल चुकी है. आखिर में उन्होंने बताया कि गोंडी और हल्बी भाषा में भी पढ़ाई शुरू हो चुकी है. इसके अतिरिक्त इंद्रावती नदी पर दो परियोजनाओं से करीब 80 हजार एकड़ खेत सिंचित होंगे. यह पूरी कोशिश विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को जमीन पर उतारने की है.

आवास और महिला-किसान कल्याण की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार बनते ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास मंजूर किए गए थे. पिछले दो साल में 11 लाख से ज्यादा घर बन चुके हैं. इसके साथ ही रोज करीब 1600 नए घर तैयार हो रहे हैं. उनके अनुसार पक्का घर सिर्फ छत नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है.

महतारी वंदन योजना में महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं. अब तक इसकी 31 किश्तें जारी हो चुकी हैं. इसके अलावा कई महिलाएं इस राशि से किराना दुकान या सिलाई जैसे छोटे काम भी कर रही हैं. दूसरी तरफ किसानों को भी बड़ी राहत मिली है. सरकार अब 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है. यह फैसला विकसित छत्तीसगढ़ के कृषि लक्ष्य को मजबूत करता है.

सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और बड़ा निवेश

राज्य देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां अलग ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ बनाया गया है. ई-फाइल प्रणाली से सरकारी कामकाज अब पहले से ज्यादा पारदर्शी हो गया है. इसके साथ ही कई सेवाओं का डिजिटलीकरण भी किया जा रहा है.

निवेश के मोर्चे पर भी राज्य को बड़ी सफलता मिली है. अब तक सवा आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं. इसके अलावा सेमीकंडक्टर प्लांट और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाएं भी आकार ले रही हैं. नवा रायपुर में करीब 100 एकड़ में मेडिसिटी भी बन रही है. यही वजह है कि जापान और दक्षिण कोरिया के निवेशकों ने भी राज्य में रुचि दिखाई है. इस तरह विकसित छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नींव लगातार मजबूत हो रही है.

एआई मिशन और धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून

राज्य में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन पर भी काम चल रहा है. इसके तहत करीब छह लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण मिलेगा. साथ ही डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारी भी यह ट्रेनिंग लेंगे. इस तरह तकनीक भी विकसित छत्तीसगढ़ की तैयारी का बड़ा हिस्सा बन रही है. इसके अलावा सरकार ने गरीबी या अशिक्षा का फायदा उठाकर होने वाले धर्मांतरण पर भी सख्त कानून बनाया है. मुख्यमंत्री के अनुसार यह कदम नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए जरूरी था.

विकसित भारत 2047 में छत्तीसगढ़ की भूमिका

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ समस्याएं सुलझाना नहीं है. उनका लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध और सुरक्षित राज्य बनाना है. आखिर में उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 में छत्तीसगढ़ पूरी क्षमता से योगदान देगा. इस तरह विकसित छत्तीसगढ़ की योजना अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनती दिख रही है.

नतीजतन आने वाले वर्षों में राज्य की तस्वीर और तेजी से बदल सकती है. यही वजह है कि छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा नजर आता है.

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