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रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में दही हांडी उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें शामिल हुए। उन्होंने गोविंदा टोलियों का उत्साह बढ़ाया। साथ ही प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
  • गोविंदा टोलियों ने दही हांडी प्रतियोगिता में भाग लिया।
  • मुख्यमंत्री ने एकता और सहयोग का संदेश दिया।
  • लखबीर सिंह लक्खा और बी प्राक ने प्रस्तुतियां दीं।
  • धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया गया।

दही हांडी उत्सव देता है सामूहिक प्रयास का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि दही हांडी केवल धार्मिक आयोजन नहीं है। यह सामूहिक प्रयास और सहयोग की मिसाल भी है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले सफल नहीं होता। उसके साथ पूरी टोली का सहयोग रहता है।

उन्होंने कहा कि हर सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सभी एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं। इसलिए कठिन लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। यही भावना समाज और प्रदेश के विकास में भी उपयोगी है।

दही हांडी उत्सव में दिखी टीम भावना

आयोजन के दौरान गोविंदा टोलियों में खास उत्साह नजर आया। प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन भी किया।

वहीं, भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से कर्तव्य की प्रेरणा लेने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण ने हर भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभाई। मित्र के रूप में उन्होंने प्रेम और मित्रता का संदेश दिया। द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने कुशल नेतृत्व दिखाया। कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर कर्मयोग का मार्ग बताया।

छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का संबंध प्रभु श्रीराम से भी जुड़ा है। प्रदेश को भगवान श्रीराम का ननिहाल बताया जाता है। माता कौशल्या की जन्मभूमि होने का भी उल्लेख किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर काम कर रही है। दही हांडी उत्सव के मंच से उन्होंने विभिन्न धार्मिक योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

श्री रामलला दर्शन योजना के तहत 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से भी 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने तीर्थ यात्रा की है। इसके अलावा, सुरभि गोधाम योजना के जरिए गौवंश संरक्षण पर काम किया जा रहा है।

प्रमुख धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक आयोजन

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख किया। इनमें भोरमदेव, कुलेश्वर महादेव और मधेश्वर पहाड़ शामिल हैं। इसके साथ ही मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां दंतेश्वरी जैसे शक्तिपीठों का भी जिक्र हुआ।

आयोजन में भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

विशाल दही हांडी उत्सव में धार्मिक माहौल के साथ सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। दही हांडी प्रतियोगिता में गोविंदा टोलियों ने उत्साह दिखाया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा ने प्रस्तुति दी। लोकप्रिय गायक बी प्राक ने भी कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। भक्ति गीतों और प्रस्तुतियों से पूरा मैदान उत्साह से भर गया।


मुख्य बातें

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

गोविंदा टोलियों ने दही हांडी प्रतियोगिता में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने एकता और सहयोग का संदेश दिया।

लखबीर सिंह लक्खा और बी प्राक ने प्रस्तुतियां दीं।

एक नजर में

  • स्थान: अवधपुरी मैदान, गुढ़ियारी, रायपुर
  • आयोजन: विशाल दही हांडी कार्यक्रम
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  • मुख्य संदेश: एकता, सहयोग और टीम भावना
  • विशेष आकर्षण: दही हांडी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और विधायक मोतीलाल साहू भी उपस्थित थे। विधायक अनुज शर्मा और ईश्वर साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कुल मिलाकर, आयोजन में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की। साथ ही सहयोग और सामूहिक प्रयास को विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताया।



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