विष्णु देव साय, श्रम विभाग छत्तीसगढ़, विश्वकर्मा जयंती,

रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन का राज्य स्तरीय आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत से प्रदेश का विकास आगे बढ़ रहा है। खेतों से लेकर शहरों तक श्रमिकों का योगदान दिखाई देता है।

उन्होंने श्रमिकों की सुविधा और स्वरोजगार से जुड़े तीन फैसले घोषित किए। इनमें आधुनिक सुविधा केंद्र और ई-बाइक सहायता योजना शामिल है।

श्रमिकों के लिए तीन नई सुविधाओं की घोषणा

श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनका संबंध सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार से है।

शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। यहां बैठने की उचित व्यवस्था होगी। स्वच्छ पेयजल और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी।

इन केंद्रों से काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को मदद मिलेगी। उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

इसके अलावा पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू होगी। इससे रोज लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों को सहायता मिलेगी।

ई-रिक्शा खरीदने पर अब मिलेगी ज्यादा सहायता

असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों के लिए भी घोषणा हुई। ई-रिक्शा खरीदने की सहायता राशि बढ़ाई गई है।

पहले यह राशि 50 हजार रुपये थी। अब श्रमिकों को एक लाख रुपये तक सहायता मिलेगी।

इससे रिक्शा चालकों को आधुनिक वाहन खरीदने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्वरोजगार को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

1.43 लाख श्रमिकों के खातों में पहुंची राशि

महासम्मेलन में श्रमिकों को आर्थिक सहायता भी दी गई। 26 योजनाओं के तहत डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी गई।

1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंचे। हितग्राहियों को सहायता राशि और सामग्री भी दी गई।

प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडल काम कर रहे हैं। इनके माध्यम से 67 प्रकार की योजनाएं संचालित हैं।

इनमें सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए भी प्रावधान हैं।

पिछले ढाई वर्षों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता पहुंचाई गई है।

श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर जोर

श्रमिक महासम्मेलन में बच्चों की शिक्षा पर भी चर्चा हुई। सरकार श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को सहायता दे रही है।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। पहले 100 बच्चों को इसका लाभ दिया गया था।

अब यह संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इन विद्यार्थियों की शिक्षा का खर्च श्रम विभाग उठाएगा।

दसवीं और बारहवीं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में भी सहयोग दिया जा रहा है।

मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग का खर्च उठाएगी सरकार

श्रमिक परिवार की बेटी मनिंदर कौर ने जेईई परीक्षा पास की है। उन्हें एनआईटी सूरत में प्रवेश मिला है।

मुख्यमंत्री ने उन्हें लैपटॉप और 1.75 लाख रुपये का चेक दिया। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च श्रम विभाग उठाएगा।

यह सहायता श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने की पहल का हिस्सा है। सरकार ने प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।

100 श्रमिक दीदियों को मिले ई-रिक्शा

महासम्मेलन में 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए। मुख्यमंत्री ने उन्हें चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाई।

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर सरकार ने जोर दिया। ई-रिक्शा से उन्हें आय का नया साधन मिल सकता है।

श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी योजना की जानकारी दी। उनके अनुसार सहायता राशि एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की गई है।

डिजिटल पंजीयन से आसान होगी प्रक्रिया

श्रम विभाग की योजनाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में नए श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन हुआ।

कार्ड में पीवीसी और क्यूआर कोड की सुविधा होगी। नई उपकर कटौती वेबसाइट भी शुरू की गई।

सरकार के अनुसार तकनीक से प्रक्रिया सरल होगी। इससे योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी सुविधा हो सकती है।

पंजीयन से लेकर सहायता देने तक की व्यवस्था को आसान बनाने पर जोर है। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रमिक परिवारों के सशक्तीकरण पर जोर

श्रमिक महासम्मेलन में सामाजिक सुरक्षा को भी अहम मुद्दा बनाया गया। सरकार ने श्रमिकों के साथ उनके परिवारों पर भी ध्यान देने की बात कही।

बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के स्वरोजगार को प्राथमिकता दी जा रही है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी बात कही गई।

पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में पंजीयन कराने की अपील की गई। इससे उन्हें उपलब्ध योजनाओं का लाभ मिल सकता है।

रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों के लिए वन नेशन-वन राशन कार्ड का भी उल्लेख हुआ।

महासम्मेलन में हुई प्रमुख घोषणाएं

  • शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे।
  • पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू होगी।
  • रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा के लिए एक लाख रुपये मिलेंगे।
  • 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को आर्थिक सहायता मिली।

शिक्षा और महिला स्वरोजगार से जुड़े फैसले

  • अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में 200 बच्चों को लाभ मिलेगा।
  • 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा दिए गए।
  • मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च उठाया जाएगा।
  • श्रमिक पंजीयन कार्ड में क्यूआर कोड की सुविधा होगी।

श्रमिकों के लिए योजनाओं का विस्तार

श्रमिक महासम्मेलन में सामने आए फैसलों में कई क्षेत्रों को शामिल किया गया। इसमें आवागमन, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख हैं।

श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया गया है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए ई-रिक्शा सहायता दी गई।

डिजिटल तकनीक के जरिए पंजीयन और योजना प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास है। वहीं, पात्र श्रमिकों तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

कुल मिलाकर, विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में श्रमिक हित से जुड़े कई फैसले सामने आए। इनका फोकस सुविधा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर रहा।



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