छत्तीसगढ़ प्रदेश लोक कलाकार कल्याण संघ का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इसमें उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में कलाकारों की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि कलाकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कलाकारों के लिए स्टूडियो निर्माण पर जोर
कार्यक्रम में स्टूडियो निर्माण का विषय प्रमुख रहा। विजय शर्मा ने इस दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया। प्रस्तावित स्टूडियो से कलाकारों को कई सुविधाएं मिल सकती हैं।
यहां कला का अभ्यास और प्रशिक्षण किया जा सकेगा। रिकॉर्डिंग के लिए भी बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकता है। प्रस्तुतियों की तैयारी में भी इससे मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे बढ़ाने की पहल
छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। कलाकार गीत, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों से इन्हें आगे बढ़ाते हैं। इन गतिविधियों को नए मंच देने की जरूरत बताई गई।
विजय शर्मा ने नई पीढ़ी तक लोक संस्कृति पहुंचाने की बात कही। इसके लिए कलाकारों को सुविधाएं देना जरूरी बताया गया। स्टूडियो इसी दिशा में एक प्रस्तावित पहल है।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ
समारोह में संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ ली। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठा से पालन करने का संकल्प लिया। साथ ही, छत्तीसगढ़ की लोक कला को आगे बढ़ाने की बात कही।
संघ के पदाधिकारियों के सामने कलाकारों से जुड़े कई विषय रहेंगे। उनकी समस्याओं और जरूरतों को सामने रखना भी अहम होगा। इससे कलाकारों और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बन सकता है।
लोक कलाकारों की सुविधाओं पर रहेगा ध्यान
लोक कलाकारों को अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए संसाधन चाहिए। रिकॉर्डिंग और प्रस्तुति की तैयारी भी जरूरी होती है। स्टूडियो मिलने से इन कामों के लिए स्थान उपलब्ध होगा।
इसके अलावा, कलाकार अपनी प्रस्तुतियों को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे। प्रशिक्षण गतिविधियों को भी व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, स्टूडियो निर्माण की आगे की प्रक्रिया संबंधित स्तर पर तय होगी।
कार्यक्रम में कई लोग रहे मौजूद
समारोह में जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी शामिल हुए। उनके साथ मनीराम साहू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी समारोह का हिस्सा बने।
बड़ी संख्या में कलाकार और स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में पहुंचे। नवनिर्वाचित सदस्यों ने नई जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम में संस्कृति और कलाकारों से जुड़े विषयों पर जोर रहा।
संस्कृति और नई पीढ़ी के बीच बनेगा जुड़ाव
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां स्थानीय परंपराओं को जीवंत रखती हैं। इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है। बेहतर सुविधाएं मिलने से प्रशिक्षण का दायरा बढ़ सकता है।
स्टूडियो निर्माण की पहल इसी जरूरत से जुड़ी है। इससे कलाकारों को अभ्यास और रिकॉर्डिंग में सुविधा मिल सकती है। साथ ही, लोक संस्कृति को नए मंच मिलने की संभावना रहेगी।
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