बस्तर में आईईडी विस्फोटों से प्रभावित लोगों के लिए बड़ी पहल शुरू हुई है।
राज्य सरकार ने निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है।
इन शिविरों में आईईडी पीड़ितों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
जगदलपुर में पहला शिविर 5 से 7 अक्टूबर तक लगेगा।
वहीं, दंतेवाड़ा में दूसरा शिविर 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा।
जरूरतमंदों को कृत्रिम हाथ, पैर और अन्य उपकरण दिए जाएंगे।
आईईडी पीड़ित सहायता के लिए दो बड़े शिविर
जगदलपुर शिविर में चार जिलों के दिव्यांगजन शामिल होंगे।
इसमें बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोण्डागांव के लोग शामिल हैं।
दंतेवाड़ा शिविर में तीन जिलों के हितग्राही लाभ ले सकेंगे।
इनमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले शामिल हैं।
शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से होगा।
जयपुर की संस्था तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।
जगदलपुर शिविर के लिए 2,953 दिव्यांगजन चिन्हांकित किए गए हैं।
बस्तर से 1,570 लोग इसमें शामिल हैं।
कोण्डागांव से 1,080 दिव्यांगजन चिन्हांकित हुए हैं।
कांकेर से 236 और नारायणपुर से 67 लोग शामिल हैं।
आईईडी पीड़ित सहायता में मिलेंगे कृत्रिम अंग
शिविर में विशेषज्ञ दिव्यांगजनों की जरूरत का परीक्षण करेंगे।
इसके बाद उनके लिए जरूरी कृत्रिम अंग तैयार किए जाएंगे।
आईईडी विस्फोट में पैर गंवाने वालों को जयपुर फुट मिलेगा।
जरूरत के अनुसार कृत्रिम हाथ भी उपलब्ध कराया जाएगा।
पुराने और क्षतिग्रस्त कृत्रिम अंगों की मरम्मत भी होगी।
इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा नाप और परीक्षण किया जाएगा।
अन्य दिव्यांगजन भी शिविर में जरूरी उपकरण प्राप्त कर सकेंगे।
इन सहायक उपकरणों का भी होगा वितरण
शिविर में कई प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
इनमें श्रवण यंत्र और वैशाखी शामिल हैं।
इसके अलावा स्मार्ट छड़ी और वॉकिंग स्टिक भी मिलेंगे।
जरूरतमंदों को व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल भी दी जाएगी।
दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी उपकरण भी उपलब्ध होंगे।
कैलिपर्स सहित अन्य जरूरी साधन भी दिए जाएंगे।
इससे दिव्यांगजनों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने का प्रयास होगा।
पंजीयन नहीं हुआ तो भी पहुंच सकते हैं शिविर
प्रशासन ने हितग्राहियों के पंजीयन की व्यवस्था की है।
इसके लिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।
जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारी भी मदद करेंगे।
ग्राम पंचायत स्तर पर भी नाम दर्ज किए जा रहे हैं।
ग्राम सभा के माध्यम से हितग्राहियों की जानकारी आगे भेजी जाएगी।
हालांकि, पूर्व पंजीयन नहीं होने पर भी चिंता की जरूरत नहीं है।
जरूरतमंद व्यक्ति सीधे शिविर में पहुंचकर सहायता ले सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य पीड़ितों की पीड़ा कम करना
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।
उन्होंने कहा कि आईईडी विस्फोटों ने कई परिवारों को प्रभावित किया।
कई लोगों ने इन घटनाओं में अपने हाथ-पैर गंवाए।
अब सरकार ऐसे लोगों की मुश्किलें कम करना चाहती है।
आईईडी पीड़ित सहायता के जरिए प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास है।
साथ ही, सरकार बस्तर को आईईडी के भय से मुक्त करना चाहती है।
शिविरों में आने वाले हितग्राहियों के भोजन की व्यवस्था होगी।
उनके ठहरने की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की जाएगी।
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