रायगढ़ में किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि और किसानों की समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने 15 अक्टूबर को कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायगढ़ क्षेत्र में केलो परियोजना का काम शुरू किया गया है। इससे किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। बेहतर सिंचाई से खेती की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर मिलेंगे।
समारोह में मुख्यमंत्री ने कोलता समाज के लिए कुल 80 लाख रुपये के सामुदायिक भवनों की घोषणा भी की। ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में 30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, नगर पंचायत पुसौर में 50 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन बनेगा। उन्होंने बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की।
नुआखाई पर्व में झलकती है कृषि संस्कृति
मुख्यमंत्री ने कोलता समाज और प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत और किसानों के परिश्रम के सम्मान से जुड़ा है। यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का भी अवसर है।
उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ती हैं। सरकार खेती को लाभकारी बनाने और किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल दिलाने के लिए काम कर रही है।
किसानों की आय बढ़ाने और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में विकास को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य अधोसंरचना मजबूत करना और आम नागरिकों तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
सरकार खेती की लागत कम करने, सिंचाई बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर भी ध्यान दे रही है। इसी संदर्भ में केलो परियोजना रायगढ़ क्षेत्र के कृषि विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है।
आवास और जनसेवा योजनाओं पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने पक्के घर को जरूरतमंद परिवारों के सम्मान और सुरक्षा से जोड़ा।
उन्होंने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। सरकार का लक्ष्य पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है।
पुनर्वास और शिक्षा को लेकर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और विकास के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के पुनर्वास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।
समारोह में प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से शिक्षा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा से समाज और प्रदेश का नाम रोशन करें।
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने भी नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कोलता समाज की संस्कृति, परंपराओं और परिश्रम की सराहना की।
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