छत्तीसगढ़ समाचार, विष्णु देव साय, औद्योगिक निवेश, नवा रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित इकाई का भूमिपूजन किया।

इस परियोजना में 150 करोड़ रुपये से अधिक का औद्योगिक निवेश प्रस्तावित है। इससे 3,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

उन्होंने कहा कि उद्योगों का लाभ स्थानीय युवाओं और महिलाओं तक पहुंचना चाहिए। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

श्रम आधारित उद्योगों से रोजगार बढ़ाने की तैयारी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, राज्य सरकार ऐसी औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित कर रही है, जो अधिक लोगों को रोजगार दे सकें। नई इकाई में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है। वह स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाना चाहती है। इससे युवाओं को अपने प्रदेश में काम करने के बेहतर विकल्प मिल सकते हैं।

औद्योगिक नीति 2024–2030 में विशेष प्रोत्साहन

राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024–2030 में रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके तहत टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। अब सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर रही है।

उद्योगों की स्थापना और संचालन को आसान बनाने के लिए प्रक्रियाओं में भी सुधार किए गए हैं। जन विश्वास से जुड़े सुधारों के तहत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य कारोबार से जुड़ी जटिलताओं को कम करना है।

निवेश से जुड़ी प्रमुख जानकारियां

  • परियोजना: यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की नई औद्योगिक इकाई।
  • स्थान: नवा रायपुर।
  • प्रस्तावित निवेश: 150 करोड़ रुपये से अधिक।
  • रोजगार: 3,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना।
  • नीति: औद्योगिक विकास नीति 2024–2030 के तहत रोजगार देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन।

वित्त मंत्री ने रोजगार सृजन को बताया प्राथमिकता

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास का मूल्यांकन रोजगार के अवसरों के आधार पर भी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नई नीति में श्रम आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है।

उनके अनुसार, उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी का बजटीय प्रावधान लगभग 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। सरकार का प्रयास है कि निवेश का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिले।

प्रदेश में तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ में तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हुए हैं। उनके अनुसार, इनसे 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।

उन्होंने यह भी कहा कि आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है। हालांकि, यह संख्या प्रस्तावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

सरकार का लक्ष्य औद्योगिक विकास को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाना है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

यश ग्रुप की नई इकाई से नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना का निर्माण पूरा होने और उत्पादन शुरू होने के बाद रोजगार पर इसका वास्तविक प्रभाव सामने आएगा। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल औद्योगिक निवेश को स्थानीय रोजगार से जोड़ने में मदद करेगी।



यह भी पढ़ें: रायपुर : पीएम आवास निर्माण में गड़बड़ी और गरीबों के हक की राशि में हेराफेरी कतई बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा