छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री आवास निर्माण से जुड़ी शिकायतों पर पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। पीएम आवास योजना के तहत बैगा जनजाति के नौ हितग्राहियों से 5 लाख 9 हजार रुपये लेने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि राशि लेने के बाद भी आवास निर्माण नहीं कराया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गरीबों के हक की राशि में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
बोड़ला विकासखंड में दो शिकायतों पर कार्रवाई
जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत राजाढ़ार और आमानारा से ये मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतों में आवास निर्माण के नाम पर पैसे लेने और काम पूरा नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।
राजाढ़ार में पांच हितग्राहियों से 3.20 लाख रुपये लेने का आरोप
ग्राम पंचायत राजाढ़ार के पांच हितग्राहियों ने ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आवास निर्माण के नाम पर कुल 3 लाख 20 हजार रुपये लिए गए। करीब डेढ़ साल बीतने के बाद भी मकान नहीं बने और राशि वापस नहीं मिली।
इस मामले में 14 अक्टूबर को थाना चिल्फी में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में पांच हितग्राहियों की राशि का विवरण इस प्रकार है:
- देवसिंह, मंधोर बाई और पुसीया बाई से 60-60 हजार रुपये लेने का आरोप है।
- कौशिल्या बाई से 80 हजार और ननकी बाई से 60 हजार रुपये लेने की शिकायत है।
आमानारा में चार हितग्राहियों की शिकायत
ग्राम पंचायत आमानारा में ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, चार हितग्राहियों से कुल 1 लाख 89 हजार रुपये लिए गए। आरोप है कि आवास निर्माण का काम पूरा नहीं हुआ।
इस मामले में 13 अक्टूबर को थाना तरेगांव जंगल में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में बैसाखू बैगा से 64 हजार रुपये, सुकोर बाई से 60 हजार रुपये, सोनिया बाई से 45 हजार रुपये और रनो बाई से 20 हजार रुपये लेने का उल्लेख है।
पीएम आवास योजना में अनियमितता पर सरकार सख्त
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गरीब परिवारों के आवास के लिए स्वीकृत राशि पर हितग्राहियों का अधिकार है। इसका दुरुपयोग करने या जरूरतमंद परिवारों को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवास निर्माण में लापरवाही और धोखाधड़ी के मामलों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।
समय पर आवास और राशि का सही उपयोग जरूरी
सरकार ने आवास निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उप मुख्यमंत्री के अनुसार, पात्र परिवारों को समय पर आवास मिलना चाहिए। स्वीकृत राशि का उपयोग भी निर्धारित उद्देश्य के अनुसार होना जरूरी है।
- आवास निर्माण से जुड़ी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समय पर आवास दिलाना प्राथमिकता रहेगी।
इन मामलों में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता पात्र परिवारों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि वे पक्के घर का सपना पूरा कर सकें।