न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम की हार के बाद गेंदबाजी रणनीति पर बहस शुरू हो गई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि टी20 जैसे छोटे प्रारूप में गेंदबाजों के ओवरों का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है।
मोहम्मद कैफ का बयान खास तौर पर डेथ ओवरों में विशेषज्ञ गेंदबाजों के इस्तेमाल और ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका पर केंद्रित रहा। उन्होंने कप्तान को सलाह दी कि मुख्य गेंदबाजों के ओवर पारी के अंतिम चरण के लिए बचाकर रखने चाहिए।
गेंदबाजी में बदलाव को लेकर कैफ की चिंता
कैफ के मुताबिक, भारतीय टीम के खिलाफ विरोधी बल्लेबाज लगातार बड़े स्कोर बना रहे हैं। ऐसे में कप्तान को यह समझना होगा कि किस परिस्थिति में किस गेंदबाज को जिम्मेदारी देनी है।
उन्होंने कहा कि गेंदबाजी में बदलाव का फैसला मैच की स्थिति के अनुसार होना चाहिए। केवल ओवर पूरे कराना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। खासकर 17वें और 19वें ओवर में अनुभवी गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है।
कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाजों की विशेषज्ञता का सही इस्तेमाल करने की बात कही। उनके अनुसार, डेथ ओवरों के लिए मुख्य गेंदबाजों को उपलब्ध रखना जरूरी है।
भारतीय टीम के खिलाफ बड़े स्कोर का सिलसिला
कैफ ने भारतीय गेंदबाजी के प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए तीन मुकाबलों के आंकड़े भी सामने रखे। उनके अनुसार, चार महीने के भीतर भारतीय टीम ने तीन बार 250 से अधिक रन दिए।
- इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए।
- वेस्टइंडीज ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन बनाए।
- न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन का स्कोर बनाया।
इन परिणामों ने भारतीय गेंदबाजी संयोजन और रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, कैफ ने यह भी माना कि हर खराब गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए कप्तान को अकेले जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
नीतीश रेड्डी की भूमिका पर क्या बोले कैफ?
ऑकलैंड में खेले गए मुकाबले में नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन दिए। कैफ का मानना है कि नीतीश को टीम के मुख्य गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल करना सही रणनीति नहीं है।
उनके मुताबिक, नीतीश पांचवें या छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर अधिक उपयोगी हो सकते हैं। उनके ओवर पारी के मध्य चरण में पूरे कराने चाहिए। इससे विशेषज्ञ गेंदबाजों को आखिरी ओवरों के लिए बचाया जा सकता है।
आखिरी ओवरों में भारतीय गेंदबाजों पर बढ़ा दबाव
न्यूजीलैंड की पारी के अंतिम नौ ओवरों में 146 रन बने। इस दौरान ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने तेज बल्लेबाजी की। दोनों ने 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी की।
कैफ के अनुसार, भारतीय गेंदबाज इस दौरान रन रोकने में सफल नहीं रहे। अर्शदीप सिंह ने कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन बाकी गेंदबाजों पर दबाव साफ दिखाई दिया।
बल्लेबाजी में भी अय्यर को सुधार की जरूरत
कप्तानी के अलावा श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी भी चर्चा में है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाने के बाद उनकी पिछली आठ पारियों में बड़े स्कोर नहीं आए।
इन पारियों में उनके स्कोर 40, 1, 16, 22, 42, 7, 5 और 22 रन रहे। ऐसे में आगामी मैचों में उनसे बेहतर बल्लेबाजी प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
कुल मिलाकर, मोहम्मद कैफ का बयान भारतीय टीम की गेंदबाजी योजना पर ध्यान दिलाता है। आने वाले मुकाबलों में श्रेयस अय्यर के गेंदबाजों के चयन और ओवरों के प्रबंधन पर नजर रहेगी।