छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तीर्थयात्रा कर लौटे 981 वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने वरिष्ठजनों को श्रीरामचरित मानस पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मानित नागरिकों में ग्रामीण क्षेत्रों के 861 और शहरी क्षेत्रों के 120 वरिष्ठजन शामिल रहे। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन संघर्ष, त्याग, सेवा, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।
छत्तीसगढ़ से भगवान श्रीराम का गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। माता कौशल्या का संबंध छत्तीसगढ़ से होने के कारण प्रदेश और प्रभु श्रीराम के बीच विशेष सांस्कृतिक एवं भावनात्मक जुड़ाव है। यहां भगवान श्रीराम को स्नेहपूर्वक ‘भांचा राम’ कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों में पारिवारिक मूल्य, सामाजिक समरसता, मर्यादा और लोककल्याण का संदेश मिलता है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
तीर्थ दर्शन योजनाओं से पूरी हो रही वरिष्ठजनों की इच्छा
वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः प्रारंभ किया है। वहीं, श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं के माध्यम से अनेक बुजुर्गों की वर्षों पुरानी धार्मिक आकांक्षाएं पूरी हो रही हैं।
एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं बांटने का संकल्प
ओ.पी. चौधरी ने बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प लिया था। इसी दिशा में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और कर्तव्यबोध से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सांसदों ने योजनाओं को बताया सराहनीय पहल
लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से वरिष्ठ नागरिकों का अयोध्या धाम जाने का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है। वहीं, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने तीर्थ दर्शन योजनाओं को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल ने भी वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रद्धालुओं ने साझा किए अयोध्या यात्रा के अनुभव
समारोह में तीर्थयात्रा से लौटे वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन करना उनके लिए भावुक और यादगार अनुभव रहा। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि उनके परिवार की पिछली पीढ़ियां भी अयोध्या नहीं जा सकी थीं, लेकिन सरकारी योजना से उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हुई।
वरिष्ठजनों ने यात्रा के दौरान आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
छह चरणों में कराई गई अयोध्या धाम की यात्रा
अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच श्री रामलला दर्शन योजना के तहत रायगढ़ जिले के वरिष्ठ नागरिकों को छह चरणों में अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई। इसी अवधि में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत भी एक यात्रा आयोजित की गई। इन यात्राओं से लाभान्वित 981 वरिष्ठ नागरिकों को समारोह में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड पाठ और सामूहिक हनुमान चालीसा से हुई। वित्त मंत्री ने भगवान श्रीराम के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की और रामायण आरती में शामिल हुए। समारोह में सांसद, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
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