पौष्टिकता से भरपूर मवेशियों का प्रिय आहार हरा-चारा नेपियर घास
नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित गौठानों और चारागाहों में पशुओं के उत्तम चारा के लिए नेपियर ग्रास लगाने का कार्य स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में गौठान में लगभग आधा एकड़ में घास लगाया जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पशुओं के लिए पौष्टिक माने जाने वाले नेपीयर घास की खासियत एवं गुणवत्ता को देखते हुए इसे रोपित किये जाने कार्य प्रारंभ किया गया। पौष्टिकता से भरपूर मवेशियों का प्रिय आहार हरा-चारा नेपियर घास जिलें के गौठान में विकसित किये गए चारागाहों में लहलहा रहे हैं। सितंबर माह में अच्छी बारिश के परिणामस्वरूप चारागाहों में लगाए गए नेपियर घास तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिससे चारागाह में हरियाली छाई है।
प्रदेश के 10 हजार से अधिक गौठान के चारागाहों में अनिवार्य रूप से नेपियर घास पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, उद्यानिकी विभाग और जनपद पंचायत गौठान प्रबंधन समिति को दिए हैं। अब तक लगभग पांच हजार से अधिक गौठानों में चारागाह हेतु प्रस्तावित जमीनों पर इसका रोपण किया गया है।
शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरूवा व बाड़ी योजना में गौठान में पशुओं को हरा चारा हमेशा उपलब्ध रहे इसके लिए कार्ययोजना बनाकर सबसे पहले चारागाहों को नेपियर घास के लिए आत्मनिर्भर बनाने सभी गौठानों में जहां पानी की समुचित व्यवस्था है वहां पर नेपियर रूट लगाए जा रहें हैं। जनपद पंचायत आगामी वर्षो में अन्य जिलों के चारागाहों को भी नेपियर गांठ बेचकर गौठान समितियां आमदनी प्राप्त कर सकेंगी। नेपियर को हाथी घास भी कहा जाता है। पशुओं के लिए यह पौष्टिक चारा है। जिन चारागाहों में पानी आदि की समस्या है वहां पर बोर, डबरी, कुआँ जल्द से जल्द कराने की कार्यवाही की जा रही है। जिससे पानी की समस्या दूर हो तथा बरसात के बाद भी चारागाह सुचारू रूप से संचालित रहें। गौठान प्रबंधन समितियों को गौठान के साथ-साथ चारागाह देखभाल कर इसका उपयोग किये जाने हेतु पशु विभाग व कृषि विभाग के अमलों द्वारा प्रेरित किया जा रहा है।
संकर नेपियर, एक बार बोए पांच साल ले फायदा
संकर नेपियर घास की खेती इस क्रम में एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिससे अन्य चारा फसलों की अपेक्षा कई गुना हरा चारा मिलता है। साथ ही इसकी खेती से 4-5 वर्षों तक बुवाई पर होने वाले व्यय की भी बचत होती है। संकर नेपियर घास एक बहुवर्षीय चारा फसल है एक बार बोने पर 4-5 वर्ष तक सफलतापूर्वक हरा चारा उत्पादन करती है।
बंजर जमीन बल्कि खेतों की मेड़ों पर उग सकती है
नेपियर घास की खास बातें नेपियर घास बाजरा की हाईब्रिड वैरायटी है। जो कि न केवल बंजर जमीन बल्कि खेतों की मेड़ों पर उगाई जा सकती है। केवल सिंचित करने की आवश्यकता है। यह समय यानि बरसात का समय नेपियर घास की रोपाई करने का सही समय है। यह घास बीस से पच्चीस दिन में तैयार हो जाती है। नेपियर घास का उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 300 से 400 क्विंटल होता है। एक बार घास की कटाई करने के बाद उसकी शाखाएं पुन: फैलने लगती है।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
