गरियाबंद जिले के सबसे बड़े हीरा खदान क्षेत्र पायलीखंड में प्रसव पूर्व एक गर्भवती महिला की मौत हो गयी, परिजन ईलाज के लिए भटकते रहे, इसी दौरान बीच रास्ते मे ही महिला की मौत हो गयी परिजन और ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बता रहे है, वही स्वास्थ्य विभाग जागरूकता की कमी।


दरअसल पायलीखंड निवासी नेमेन नागवंशी की पत्नी सुमित्रा गर्भवती थी पहले बच्चे को पाने के लिए परिजन सुमित्रा की देखभाल में कोई कसर नही छोड़ रहे थे, प्रसव के दिन नजदीक आये तो पति नेमेन को उसकी प्रसूति की चिंता सताने लगी नेमेन को मालूम था, कि उनका गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बसा है, कभी भी उदंती नदी में पानी बढ़ जाने से मैनपुर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है आसपास स्वास्थ्य सुविधाएं भी नही के बराबर है इसलिए महीने भर पहले ही वह पत्नी सुमित्रा को उसके मायके करलाझर पहुंचा दिया।
करलाझर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, यहां के ग्रामीणों को आजतक पहुंच मार्ग नसीब हुआ आज भी ग्रामीण कच्ची पगडंडी से आना जाना करते है, इसलिए गांव तक एम्बुलेंस भी नही पहुंच पाती रविवार सुबह सुमित्रा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई सुमित्रा का भाई उसे एक निजी वाहन में डालकर देवभोग के एक प्राइवेट अस्पताल ले गया, हालत देखकर डॉक्टर ने उसे बड़े अस्पताल ले जाने का सुझाव दिया परिजन उसे लेकर दूसरे अस्पताल के लिए निकले, मगर बीच रास्ते मे ही उसकी मौत हो गई ग्रामीणों का कहना है, कि क्षेत्र में यदि आवागमन या फिर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी दलील पेश करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार यदि नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाते और एम्बुलेंस की मदद लेते तो शायद महिला आज जिंदा होती अधिकारियों ने कहा कि सुदूर वनांचल में कुछ दिक्कतें जरूर है मगर हालात इतने भी खराब नही है।
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