जेनेरिक मेडिसिन पर सरकार का फोकस, सभी वर्ग के लोगों को मिलेगी राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की श्री धन्वंतरी मेडिकल स्टोर योजना राज्य में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा को मजबूत करने की कड़ी में यह एक नया कदम है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य को बेहतर करने हाट बाजार क्लीनिक योजना तथा शहरी क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं से लोगों को स्वास्थ्य सुविधायें आसानी से मिल रही हैं।

श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराना है। सरकार महंगी ब्रांडेड दवाओं की जगह सस्ती जेनेरिक दवाओं को सरकारी मेडिकल स्टोर के माध्यम से लेागों तक पहुंचा रही है। ये जेनरिक दवाईयां गुणवत्ता में किसी भी प्रकार के ब्राण्डेड दवाईयों से कम नहीं होती। गुणवत्ता मानकों की सभी प्रक्रियाओं से गुजारने के पश्चात् ही जेनेरिक दवाईयों को बाजार में उतारा जाता है। उनकी डोज, उनके साइड-इफेक्ट आदि सभी ब्रांडेड दवाओं के जैसे ही होते हैं अंतर केवल नाम का होता है। संपूर्ण विश्व में किसी भी दवा का जेनेरिक नाम एक ही होता है। दवा बाजार में दो तरह की दवायें मिलती हैं एक ब्रांडेड और दूसरी जेनेरिक।

क्या होती है जेनेरिक दवाइयां

जेनेरिक नाम दवाओं के रासायनिक नाम होते है। जो उसके केमिकल कंपोजिशन के आधार पर दिया जाता है। जेनेरिक दवा के फॉर्मुलेशन पर तो पेटेंट हो सकता है किन्तु उसके एक्टिव कंपोनेंट पर पेटेंट नहीं होता, इसी कारण जेनेरिक दवाएं बिना किसी पेटेंट के बनायी जाती है। इसलिए ये ब्रांडेड दवाओं से सस्ती होती हैं। योजना से आम नागरिकों विशेषकर गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर दवाईयों में होने वाले खर्च का बोझ कम होगा तथा उन्हें आधे से कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता की दवाईयां प्राप्त हो सकेंगी।

251 जेनेरिक दवा ओर सर्जिकल उपकरण बेचना अनिवार्य

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनेरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य है। इसके अलावा वन विभाग के संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद और शिशु आहार आदि का भी विक्रय इन मेडिकल स्टोरों में किया जा रहा है। राज्य के वनवासियों द्वारा तैयार किये गये आर्गेनिक उत्पादों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की अपील भी की गई है, जिससे आदिवासी लोगों के प्रयास को भी बढ़ावा मिल सके ।

20 ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं उपलब्ध

20 नामी कंपनियों की दवाइयां ही उपलब्ध होंगी। इसके अलावा वन विभाग की संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य के साधन और शिशु आहार आदि का भी विक्रय किया जाएगा। 20 नामी कंपनियों की दवाइयां ही उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों को अच्छी क्वालिटी की दवाएं मिलें। श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालकों को 2 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से नगर निगम द्वारा किराये पर दुकानें उपलब्ध कराई जा रही हैं। योजना के संचालन की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित यूपीएसएस को प्रदान की गई है।

‘हम सबो स्वस्थ-जम्मो सुग्घर’ का उद्देश्य

अब सस्ती दवाएं सभी की पहुंच में होंगी। इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इससे दवाइयों पर होने वाले खर्च का बोझ कम हो सकेगा। इस योजना के माध्यम से हम सब्बो स्वस्थ-जम्मो सुग्घर की परिकल्पना को साकार करने में सफल होंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस दिशा में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में कई पहल की गई है। शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर, दाई दीदी क्लीनिक आदि के माध्यम से जमीनी स्तर तक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसी क्रम में अब आम नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की रियायती दवा उपलब्ध कराने के लिए श्री धन्वंतरी योजना प्रारम्भ की जा रही है।

इतनी छूट पर मिलेंगी दवाएं

इस मेडिकल स्टोर प्रत्येक दवा अपनी एमआरपी से 50 से लेकर 71 फीसदी छूट के साथ मिलेंगी। जैसे 10 रुपए का पैरासिटामॉल 3.88 रुपए में तो 169 रुपए का मल्टी विटामिन सीरप सिर्फ 64 रुपए में उपलब्ध होगा। यही नहीं, उल्टी-दस्त होने पर हम जो ओआरएस मेडिकल स्टोर से 18 रुपए में खरीदते हैं, वह सिर्फ 7 रुपए में मिल जाएगा। ऐसी ही अन्य दवाइयां हैं, जो सस्ते दाम पर उपलब्ध होंगी। आंख व कान में डालने वाले सिप्रोफ्लोक्सिन आई/ईयर ड्रॉप की एमआरपी रेट 39.75 है, तो छूट के साथ यहीं दवा 15.11 में मिलेगी।