छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज हुआ। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दीप प्रज्जवलित कर इस भव्य आयोजन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासन में यह दूसरी बार है, जब प्रदेश में बड़े स्तर पर राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया है।

59 दल करेंगे परफॉर्म

देश-विदेश के साथ केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी दल छत्तीसगढ़ में मेहमान बनकर आए हैं। जिनका पूरा खर्चा छत्तीसगढ़ शासन ही उठाएगा। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार में दूसरी बार इस आयोजन को करवाया जा रहा है। पिछले साल कोरोना के कारण आदिवासी महोत्सव नहीं हो पाया था। लेकिन जैसे ही हालात सामान्य हुए वैसे ही सीएम भूपेश और उनकी टीम एक बार फिर प्रदेश को संस्कृति से जोड़ने के काम में लग गई है। प्रदेश की प्रतिभा को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए इस आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया है। पूरे विश्व से करीब 59 दल छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। इस बड़े स्तर के महोत्सव में विश्व के 7 ऐसे देश, जहां आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को विशिष्ट माना जाता है वहां के नर्तक भी अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाएंगे। इसके अलावा देश के 27 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों से भी आदिवासी समुदाय के नर्तकों का दल इस आयोजन का हिस्सा बनेगा।

सीएम भूपेश बघेल और हेमंत सोरेन का अलग अंदाज

इस आयोजन के शुरुआत में सीएम भूपेश बघेल एक बार फिर अलग अंदाज में नजर आए हैं। सीएम भूपेश बघेल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ पारंपरिक आदिवासी बाइसन मुकुट पहनकर मांदर बजाया । सीएम भूपेश का ये अंदाज देखकर हर कोई प्रफुल्लित हो उठा था।

पहले भी हो चुका है आयोजन

छत्तीसगढ़ में पहले भी आदिवासी नृत्य महोत्सव का एक बार आयोजन हो चुका है, जिसमें देश और विदेश के कलाकारों ने अपने अद्भूत नृत्य से छत्तीसगढ़ के लोगों का दिल जीत लिया था। आयोजन की सफलता के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बात की घोषणा की थी कि अब से हर साल आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

यूगांडा के कलाकारों ने किया अद्भुत नृत्य