राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परिसर में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया। जब सीएम स्टॉल्स का अवलोकन कर रहे थे इस बीच उनके साथ सेल्फी लेने और ग्रुप फोटो खिचवाने की होड़ लग गई। आस-पास मौजूद लोग सीएम के साथ सेल्फी लेने लगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग के प्रदर्शनी हॉल में उन्होंने धन्वंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर के स्टॉल पर योजना के तहत जेनरिक दवाओं की बिक्री की जानकारी ली।

स्टॉल पर मौजूद कैमिस्ट ने मुख्यमंत्री को बताया कि गुणवत्तापूर्ण सस्ती दवा उपलब्ध कराने की इस पहल को जनता द्वारा हाथों-हाथ लिया जा रहा है। दवाओं पर हो रही बचत की वजह से कई मरीज जो पहले कुछ दिनों की आवश्यक दवाई खरीदते थे, वे अब 2-3 महीने की दवा एक साथ खरीद रहे हैं। मुख्यमंत्री ने परिसर में दाई-दीदी क्लिनिक का भी निरीक्षण किया और एसएचजी पैविलियन में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे गोबर के दीयों, मिलेट की मिठाई और सजावटी समानों को देखा।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्रों को दिया इंटरव्यू

उच्च शिक्षा विभाग के प्रदर्शनी हॉल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के स्टॉल पहुंचे तो वहां विश्वविद्यालयीन फैकेल्टी चंद्रेश चौधरी ने वन-टू-वन के लिए माइक बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री से पूछा कि ये आदिवासी नृत्य महोत्सव छत्तीसगढ़ में हो रहा है, लेकिन यहां ऐसा लग रहा है, जैसे पूरा भारत उत्सव मना रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लोग इस महोत्सव में शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को विश्वपटल पर लाने की हमने एक शुरुआत की है, ये सिलसिला भविष्य में और आगे बढ़ेगा।