इलाज की गुणवत्ता नियंत्रण करने और घर बैठे स्वास्थ्य सुविधा देने ऑनलाइन सेवा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की मोबाइल मेडिकल यूनिटों (एमएमयू) से झुग्गी बस्तियों में निवासरत लोगों को नियमित जांच-उपचार-दवा का लाभ तो मिल ही रहा है। कोरोना-काल में भी संक्रमण को नियंत्रित करने में ये बहुत काम की साबित हुई हैं। योजना की शुरुआत के बाद से अब तक इस योजना के तहत दस हजार शिविरों के आयोजन किए जा चुके हैं। करीब 11 लाख मरीजों तक मुफ्त जांच, उपचार और दवा की सुविधा पहुंचाई जा चुकी है। अब मिल रही सुविधा का सही उपयोग हो रहा है कि नहीं इसकी जांच साफ्टवेयर के माध्मम से ऑनलाइन निगरानी कराई जा रही है। छत्तीगसढ़ में चल रही मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत मेंडिकल यूनिट का थर्ड पार्टी मेडिकल प्रोसेस ऑडिट एवं एकीकृत साफ्टवेयर के माध्यम से मॉनिटरिंग किए जाने वाली देश की पहली सेवा है।

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री बघेल द्वारा किया गया था. राज्य के सभी 14 नगर पालिक निगमों में आधुनिक उपकरण से सुसज्जित 60 एमएमयू स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों में एमबीबीएस डाक्टर द्वारा लगभग 1600 स्लम बस्तियों में कैम्प लगाकर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। एमबीबीएस डाक्टर के साथ कैम्प में मुफ्त दवा वितरण हेतु फार्मासिस्ट, मुफ्त लैब टेस्ट करने हेतु लैब टेक्निशियन, मरीजों की सेवा के लिए एएनएम तथा एमएमयू चालक सेवाएं दे रहे हैं।

साफ्टवेयर तैयार, निगरानी कर सकेंगे अफसर

पारा-मोहल्ला में घर-घर पहुंच इलाज की सुविधा प्रदान करने वाली इस स्लम स्वास्थ्य योजना ने अब तक लगभग 11 लाख मरीजों का इलाज किया है। इन मरीजों में से लगभग 9 लाख 22 हजार मरीजों को दवा वितरण एवं ढाई लाख लोगों का मुफ्त लैब टेस्ट किया गया है। योजना का विस्तार अब कुछ नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में विस्तार किया जा रहा है। याेजना की लोकप्रियता को ध्यन में रखते हुए एएमएम ऑपरेशन की संपूर्ण प्रक्रियाओं को ऑनलाईन करने साफ्टवेयर तैयार किया गया है।

डॉक्टर सहित अन्य के कार्याें की निगरानी

योजना के तहत एमएमएमयू के डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे इलाज, लिखी जा रही दवा, लैब टेस्ट, दवा वितरण आदि की भी ऑडिटर एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से थर्ड पार्टी फिजिकल जांच के लिए साफ्टवेयर निर्मित किया गया है। साफ्टवेयर डॉक्टर एवं स्टॉफ की लोकेशन, अटेंडेंट, गाड़ी की सही समय में उपस्थिति, सीसीटीवी कैमरा से जांच करने में सक्षम है। इस सेवा में तैयार मोबाइल एप एवं पोर्टल से आम नागरिक अपने घर से इलाज के लिए एपाइंमेंट, मोबाइल में प्रिस्क्रिप्शन एवं लैब रिपोर्ट आदि की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। साफ्टवेयर में मुख्यमंत्री, सचिव, कलेक्टर, आयुक्त के लिए परियोजना में डैशबोर्ड का भी प्रावधान है।

योजना के तहत फिजिकल ऑडिट

साफ्टवेयर में दवा की इन एवं आउट इंवेंटरी, एमएमयू उपकरण की जांच, गाड़ी रखरखाव आदि का प्रावधान भी किया गया है। परियोजना में सीनियर और जूनियर डॉक्टर इस कार्य के लिए पदस्थ किए गए हैं। इनके द्वारा योजना के तहत फिजिकल ऑडिट कर लिया गया है। शेष प्रक्रिया पूर्ण करने सेवा प्रदाता द्वारा पदस्थ किया गया है। थर्ड पार्टी मेडिकल प्रोसेस ऑडिट एवं एकीकृत साफ्टवेयर के माध्यम से मॉनिटरिंग किए जाने वाली देश की पहली सेवा है।