रायपुर। वनक्षेत्रों में नरवा विकास प्रोजेक्ट के तहत सुखद परिणाम मिले हैं। जिन वनक्षेत्रों के पारंपरिक जल स्त्रोत पहले जनवरी, फरवरी में ही सुख जाते थे, उनमें सभी महीनों में पानी की धार बहते देखा गया है। इसके साथ ही वनक्षेत्र से सटे गांवों में किसानों के कुओं में वाटर लेबल एक से दो फीट तक बढ़ गया है। प्रदेश के वनक्षेत्रों से भूजल स्तर को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। नरवा विकास प्रोजेक्ट से न सिर्फ वनक्षेत्रों में वाटर लेवल को लेकर सुखद संकेत मिले हैं, बल्कि किसानों के कुएं का भूजल स्तर भी एक से दो फीट तक बढ़ा है। तीन साल पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जिन उद्देश्यों को लेकर नरवा, गरुआ, घुरुआ, बारी प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई थी, उसमें नरवा प्रोजेक्ट के सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं।