स्वच्छता अभियान में पूरे देश में महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ ने जीते ज्यादा अवार्ड

रायपुर। स्वच्छ जीवन के लिए स्वच्छता का विशेष महत्व है। स्वच्छता अपनाने से व्यक्ति रोग मुक्त रहता है और एक स्वस्थ राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। स्वच्छता मानव समुदाय का एक आवश्यक गुण है। यह विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के सरलतम उपायों में से एक है। यह सुखी जीवन की आधारशिला है। साफ-सुथरा रहना मनुष्य का प्राकृतिक गुण है। वह अपने घर व आसपास के क्षेत्रों को साफ रखना चाहता है। कुछ लोग अपने स्वभाव के विपरीत सफाई को कम महत्व देते हैं। जिसके कारण वहां के लोग संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। गंदगी से थल, जल और वायु की शुद्धता पर विपरीत असर पड़ता है।

स्वच्छता ही सेवा है, यह सीख हमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दी है और सेवा के माध्यम से उन्होंने स्वयं अपने घर के शौचालय की नियमित सफाई एवं सही प्रयोग की बात काफी पहले कर दी थी, हमें भी अपने घरों में शौचालय का उपयोग करना है। स्वच्छता है एक बड़ा अभियान, तभी हम स्वच्छ राष्ट्र, स्वस्थ राष्ट्र की कल्पना को साकार बना पाएंगे। केंद्र सरकार ने पिछले सात सालों से राज्यों के स्वच्छता को निखारने के लिए अवार्ड देने की प्रक्रिया शुरू की। इस साल राज्य ने कुल 239 अवार्ड में से 67 अवार्ड जीत कर 28 प्रतिशत अवार्ड पर कब्जा जमाया। कुल मिलाकर नगरीय प्रशासन विभाग से ज्यादा यहां पर किए जा रहे प्रयोग को लेकर जनता ओर महिला स्व सहायता समूहों को योगदान सबसे से ज्यादा रहा।

स्वच्छता अवार्ड में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को अलग-अलग श्रेणियों मेें मिले अवार्ड से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यों को एक नई उंचाई मिली है। राज्य सरकार ने प्रदेश में गोबर की खरीदी के साथ ही घर-घर कचरा उठाने को अभियान चला रही है। वहीं विभिन्न नगर निगमों में इन कचरों का रिसाइकलिंग कर इनसे कई सामान बनाने का प्रयोग पहले से ही चल रहा है। अंबिकापुर शहर लगातार इनोवेशन करता रहता है। गार्बेज कैफे, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, जैसे इनोवेशन से अंबिकापुर ने देश में अलग पहचान बनाई है। इनोवेशन की वजह से ही शहर को इतना साफ कर दिया गया है, कि लगातार स्वच्छता सर्वेक्षण में अंबिकापुर अब भी कचरा मुक्त शहर की श्रेणी में अपना स्थान कायम रखा है।

महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ ने जीते ज्यादा अवार्ड

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में इंदौर और सूरत ने अपना स्थान बरकरार रखा हालांकि नवी मुम्बई स्वच्छ शहर की श्रेणी में तीसरे स्थान से चौथे स्थान पर आ गई। सर्वेक्षण में महाराष्ट्र को कुल 92 पुरस्कार प्राप्त हुए जबकि छत्तीसगढ़ को 67 पुरस्कार मिले। मंत्रालय के अनुसार, नौ शहरों इंदौर, सूरत, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, नवी मुंबई, अंबिकापुर, मैसूरू, नोएडा, विजयवाड़ा और पाटन को कचरा मुक्त शहर की श्रेणी में 5 स्टार रेटिंग वाले शहर के रूप में प्रमाणित किया गया। 143 शहरों को 3 स्टार रेटिंग वाले शहर का दर्जा मिला।

शहर को हरा भरा बनाने का प्रयास

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ का ऐसा शहर था जिसने सफाई को लेकर कई प्रयोग किए। पूरे देश मे सफाई का डंका बजाने और अनूठा प्रयोग करने वाले अंबिकापुर ने हरियाली के लिए शहर में पर्यावरण प्रेमियों को ग्रीन आर्मी बनाकर नागरिकों को पौधा देने के साथ पौधों का हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है। सभी पौधों पर निगरानी रखने जियो टैगिंग भी किया जा रहा है। लोगों का जिस तरह स्वास्थ्य कार्ड बनता है, उसी तर्ज पर इस बार पौधों का हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है। जिनके घरों में पौधे लगाए जा रहे हैं, उन्हें हेल्थ कार्ड दिया जा रहा है। हेल्थ कार्ड में पौधे का नाम, लगाने की तिथि, खाद, पानी के साथ समय-समय पर उसकी सेवा करने की अवधि अंकित की गई है। हेल्थ कार्ड शहर के नागरिकों के पास रहेगा और नागरिक एक ही पौधा अपने दरवाजे पर लगाकर बकायदा हेल्थ कार्ड से उसे सुरक्षित रखेंगे। शहर को ग्रीन सिटी बनाने की पहल के बीच अब तक की गई, अनूठी पहल मानी जा रही है।