मार्च तक उठाव नहीं हुआ तो समितियों को दी जाएगी अतिरिक्त राशि
बारदानों पर अब सरकार देगी 18 रुपए
रायपुर। राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए धान एवं मक्का खरीदी के लिए उपार्जन नीति तैयार कर जारी कर दिया गया है। नीति के तहत इस बार समितियों से धान का उठाव फरवरी माह के अंत तक पूरा करना होगा। उसके बाद 31 मार्च तक यदि धान का उठाव पूरा नहीं होता तो समितियों को अतिरिक्त सुरक्षा व्यय दिया जाएगा। साथ ही खरीदी में उपयोग किए जाने वाला पुराने जूट बारदानों की दर का निर्धारण कर दिया गया है। प्रति नग जूट बारदानें की दर 18 रुपए निर्धारित की गई है।
इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा इस आशय का पत्र प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित को भेज दिया गया है। गौरतलब है कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी किसानों, मिलरों एवं पीडीएस दुकानों के पुराने जूट बारदानें का उपयोग किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक द्वारा खरीफ विपणन 2021-22 हेतु पुराने जूट बारदानों का मूल्य निर्धारण करने के संबंध में अनुरोध किया गया था।
पुराने बारदानों के लिए 18 रुपये प्रति नग कीमत तय
पंजीयक, सहकारी संस्थाओं की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा पुराने जूट बारदानों के लिए 18 रुपये प्रति नग दर निर्धारित करने की अनुशंसा की गई थी। खाद्य विभाग द्वारा चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन के लिए पुराने जूट बारदानें की दर 18 रुपये प्रति नग निर्धारित कर दिया गया है। यह भी तय किया गया है कि समितियों को नए बारदानें पर समिति का नाम, धान की किस्म की छपाई अनिवार्य रूप से करना होगा।
मिलरों और पीडीएस के बारदानों से होगी खरीदी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप समर्थन मूल्य पर खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए 1 दिसंबर से धान खरीदी की जाएगी। प्रदेश में किसानों से सुचारू रूप से धान खरीदी के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त जूट बारदानों के अतिरिक्त आवश्यकता के अनुरूप पीडीएस और मिलर से प्राप्त बारदानों का भी उपयोग किया जाएगा।
मिलर करेंगे खरीदी केंद्रों से धान उठाव
नइ्र उपार्जन नीति के तहत खरीदी केंद्रों से धान का उठाव तेजी से करने के लिए मिलरों को पहले दिन से ही खरीदी केंद्रों से धान उठाव की अनुमति दी गई है। जिन जिलों में मिलरों की मिलिंग क्षमता हे उसके अनुसार उन्हें उठाव करने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे जिले जहां पर अधिक धान खरीदी नहीं होती वहां पर अन्य जिलों में पंजीकृत मिलरों को भी धान दिया जाएगा। परिवहन व्यय ओर लोडिंग का चार्ज पिछले साल की तरह ही मिलेगा। बंफर धान होने पर उसका उठाव 72 घंटे में किया जाएगा।
डेटा ऑपरेटरों के वेतन में होगी वृद्धि
समितियों में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटरों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का भी निर्णय लिया गया है। अब उन्हें 18420 रूपए प्रतिमाह की मानदेय मिलेगा। साथ ही संग्रहण केंद्रों में धान के रखरखाव को लेकर जिला स्तर पर एक समिति बनेगी। जो पूरे धान का निरीक्षण कर वहां की स्थिति पर नियंत्रण रखेंगे। धान की सही गुणवत्ता के साथ ही क्वरलिटी पर भी समिति नजर रखेगी।
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