मोदी-योगी को लेकर मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट सोशल मीडिया हो रहा ट्रोल
रायपुर। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी से प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। उप्र के दौरे पर गए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दो ट्वीट से यहां प्रदेश भाजपा के नेता बौखला गए हैं। इससे इंटरनेट मीडिया में दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच ट्वीट वार शुरू हो गया है। भाजपा की राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय ने बघेल को प्रियंका वाड्रा गांधी का ओएसडी बताते हुए विवादित ट्वीट कर दिया है। इस पर कांग्रेस ने भी तीखा पलटवार किया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने दो ट्वीट किए हैंं। एक में उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, प्रियंका वाड्रा गांधी और राहुल गांधी की संतों के आसान के नीचे बैठी तस्वीर के साथ पीएम मोदी की सीएम योगी के कंधे पर हाथ रखने वाली तस्वीर पोस्ट की है। साथ में लिखा है, साधु-संतों के तो चरणों में बैठकर आशीर्वाद लिया जाता है। लेकिन एक तस्वीर देखकर उत्तर प्रदेश के लोगों में बहुत संदेह पैदा हुआ है। एक ‘योगी” के कंधे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हाथ रखा हुआ है। क्या प्रधानमंत्री जी आदित्यनाथ को योगी नहीं मानते? अगर ये योगी नहीं तो कौन हैं? इसके बाद सीएम ने दूसरा ट्वीट किया।


उन्होंने लिखा- आज नेहरू युवा केंद्र, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के विभिन्न व्यापारी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद हुआ। अधिकतर लोगों ने कहा कि पहले हमने भाजपा को उम्मीद के साथ वोट दिया था लेकिन अब वे यह गलती नहीं दोहराएंगे। भाजपा लगातार छोटे, मध्यम व्यापारियों को खत्म कर रही है।
ओएसडी के रूप में काम करना चाहिए- सरोज
राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय ने बघेल को रिट्वीट करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी पर जिम्मेदारियां बहुत हैं, जिसकी वजह से वह अपना मूल कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें सीएम की कुर्सी किसी अन्य को देकर पूरी तरह प्रियंका जी के ओएसडी के रूप में उत्तर प्रदेश ही कैंप करना चाहिए। उनकी व्यस्तता राज्य के विकास में बाधा है। सरोज के इस ट्वीट पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि सीएम व तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के नेतृत्व में ही छत्तीसगढ़ रमन सरकार और भाजपा के कुशासन, भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी से मुक्त हुआ। अब कांग्रेस नेतृत्व ने उप्र को योगी के कुशासन, गुंडाराज से मुक्त कराने की भी जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा के नेता ठलहा बैठे हैं। ट्वीटर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।


गुलाम मानसिकता वालों को यह बात समझ नहीं आएगी: रमन
सीएम के साधु-संत की फोटो के साथ ट्वीट के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा है कि जिनकी पार्टी में ‘एक परिवार” के ही पैरों में झुकने के संस्कार हों, उन्हें कंधे पर हाथ रखना कैसे अच्छा लग सकता है। यह भाजपा के संस्कार हैं, जो झुकाने में नहीं, गले लगाने और कंधे से कंधा मिलाकर साथ आगे बढ़ाने में विश्वास रखते हैं। गुलाम मानसिकता वालों को यह बात समझ नहीं आएगी।
दम है तो योगी के कंधे पर हाथ रखकर दिखाइए
डॉ. रमन के ट्वीट पर प्रदेश कांग्रेस ने पलटवार किया गया है। पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंड से लिखा गया है- ‘गुलाम रमन”? खुद तो अपने से 28 साल छोटे योगी आदित्यनाथ के चरण छूते हैं और अब कह रहे हैं कि संतों के पैर छूना गुलामी की निशानी है। अगर हिम्मत है तो मोदी जी की तरह ही योगी आदित्यनाथ के कंधे पर हाथ रखकर दिखाइए आप भी। डा. रमन सिंह, आप तो राजनीतिक रूप से भी उनसे वरिष्ठ हैं।
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