नेशनल डेस्क। देश भर के केंद्रीय विद्यालयों में सांसद कोटे से दाखिले पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है। हर सांसद के पास केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए 10 सीटों का कोटा रहता था। ऐसे में 7800 से ज्यादा सीटों पर सांसदों के जरिए दाखिला हो सकता था।

हालांकि अब इस व्यवस्था पर रोक रहेगी। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कोटा पिछले साल खत्म किया जा चुका है। इसके तहत 450 विद्यार्थियों को दाखिला देने की व्यवस्था थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस पूरे मामले पर एक समिति गठित कर इसे तर्कसंगत बनाने के उपाय करेगी। इसलिए तत्काल प्रभाव से फिलहाल सांसदों के कोटे पर रोक लगाई गई है। केंद्रीय विद्यालय में कुछ अन्य संस्थाओं और पदाधिकारियों के भी कोटे हैं, इन पर भी फिलहाल रोक रहेगी। कोटा भविष्य में फिर बहाल होगा या नहीं, इस बारे में फिलहाल कुछ भी साफ नहीं है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा कई सांसदों को यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है कि अब वे सांसद कोटा के तहत दाखिले के लिए सिफारिश न भेजें।

कोरोना से माता-पिता को खोने वाले बच्चों को प्राथमिकता

इस बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन ने फैसला किया है कि इस बार उन छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा, जिन्होंने कोरोना महामारी की वजह से अपने माता-पिता को खो दिया है। इस वर्ष कक्षा एक से 12वीं तक किसी भी कक्षा के लिए सभी केंद्रीय विद्यालय में इस नियम का पालन किया जाएगा।