छत्तीसगढ़ में उजागर हुए शराब घोटाले की जांच में लगातार नई परतें सामने आ रही हैं।
मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला जब अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

अनवर ढेबर पर आरोप है कि उन्होंने एक संगठित घोटाले के ज़रिए सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों की अवैध कमाई की।
इस केस में संलिप्त 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

जांच में सामने आया है कि इन अफसरों ने 88 करोड़ रुपये की अवैध आमदनी की और
राज्य के शराब तंत्र को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया।

अनवर ढेबर शराब घोटाला केवल एक घोटाला नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की बड़ी विफलता की कहानी है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे आर्थिक अपराधों में जमानत देना जनहित के विरुद्ध है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर बल दिया कि
जांच एजेंसियों को पूरी छूट मिलनी चाहिए ताकि सच सामने लाया जा सके

यह फैसला न सिर्फ अनवर ढेबर के लिए, बल्कि इस पूरे प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों के लिए भी
कड़ा संकेत माना जा रहा है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं