छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी ‘SANKALP’ बजट प्रस्तुत किया गया। Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में तैयार यह बजट राज्य की आर्थिक दिशा, सामाजिक समावेशन और विकास की रफ्तार को नई ऊंचाई देने वाला दस्तावेज माना जा रहा है।

राज्य के वित्त मंत्री O. P. Choudhary ने सदन में बजट पेश करते हुए इसकी थीम ‘SANKALP’ की विस्तृत रूपरेखा रखी। इस थीम के अंतर्गत विकास के सात प्रमुख स्तंभ निर्धारित किए गए हैं—

S – समावेशी विकास: समाज के प्रत्येक वर्ग तक योजनाओं का लाभ।

A – अधोसंरचना: सड़क, बिजली, जल और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार।

N – निवेश: उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण।

K – कुशल मानव संसाधन: युवाओं के लिए कौशल एवं प्रशिक्षण।

A – अंत्योदय: अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का सशक्तिकरण।

L – लाइवलीहुड: स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों में वृद्धि।

P – पॉलिसी से परिणाम: योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर।

शिक्षा और युवाओं पर विशेष ध्यान

इस बजट में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए बुनियादी ढांचे के विकास, आधुनिक तकनीक के उपयोग और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों पर विशेष प्रावधान किए गए हैं। उद्देश्य है कि प्रदेश का युवा वर्ग प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बने।

पाँच मुख्यमंत्री मिशनों से विकास को रफ्तार

सरकार ने मिशन मोड में कार्य करने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत पाँच बड़े मिशन शुरू किए गए हैं—

मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन

मुख्यमंत्री AI मिशन

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन

मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन

इन मिशनों के माध्यम से तकनीकी नवाचार, पर्यटन संवर्धन, खेल प्रतिभा विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़’ विज़न के अनुरूप तैयार किया गया है। यह केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का स्पष्ट संकल्प है।