मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये निर्णय छत्तीसगढ़ के युवाओं, किसानों, व्यापारियों और वंचित वर्गों के भविष्य को प्रभावित करेंगे।


निर्णयों का सारांश:

1. पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ:
2005 से 2009 बैच तक के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर वेतनमान देने हेतु 30 नए पद स्वीकृत किए गए।

2. वंचित वर्गों के लिए संयुक्त उपक्रम:
सरकार और PanIIT फाउंडेशन मिलकर संयुक्त कंपनी बनाएंगे, जिससे युवाओं को व्यवसायिक शिक्षा और रोजगार मिल सकेगा।

3. पुराने वाहनों पर नियम कड़े:
मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 में संशोधन कर सड़क दुर्घटनाओं और प्रदूषण को रोकने की पहल।

4. फैंसी नंबर अब नए वाहनों में भी:
वाहन मालिक अब अपने पुराने वाहन का फैंसी नंबर नए वाहन में स्थानांतरित कर सकेंगे, कुछ शुल्क के साथ।

5. निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन:
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना व संचालन को अधिक पारदर्शी बनाने हेतु कानून में बदलाव।

6. छात्र स्टार्टअप नीति को मंजूरी:
राज्य में 100 तकनीकी संस्थानों में 50,000 छात्रों तक पहुंच बनाकर नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा।

7. कृषि उपज मंडी कानून में सुधार:
नवीन संशोधन से किसानों को अधिक पारदर्शिता और सुविधाएं मिलेंगी।

8. राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन:
रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर के योजनाबद्ध विकास हेतु विशेष प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा।

9. जीएसटी कानून में बदलाव:
इनपुट सेवा वितरकों के नियमों को केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप अपडेट किया गया।

10. कर विवादों के शीघ्र निपटारे की योजना:
बकाया कर, ब्याज और शास्ति मामलों के निपटारे हेतु विशेष संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली।

11. भू-राजस्व कानून में सुधार:
अवैध प्लाटिंग पर रोक, नामांतरण प्रक्रिया सरल, जियो-रेफरेंस नक्शों से विवाद कम होंगे।

12. पत्रकारिता विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन:
कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के संचालन में गुणवत्ता सुधार के लिए कानून में बदलाव प्रस्तावित।