गरियाबंद के तोरेंगा के मूख्य बस्ती में लोगो की अचानक तबियत बिगड़ गई। बीमार पड़ने वालों में 20 से 40 उम्र वालो की सँख्या ज्यादा है। जिन्हें पेट मरोड़ने व दस्त की शिकायत है।

4 दिन पहले से ये सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते आंकड़ा 40 पहूच गया देर से पहुँचे स्वास्थ विभाग ने शिविर लगाकर इलाज भी शुरू कर दिया है लगातार जिला स्तरीय चिकित्सको की टीम भी गांव पहूच हालात को नियंत्रण में करने लगे हुए है।

सभी लोग बस्ती के बीच बने ब्रिटिश जमाने का कूंए का पानी ही पीते है स्वास्थ्य विभाग इसी कूंए का पानी मे खराबी होना बताकर ग्रामीणों को हैरानी में डाल दिया है। तोरेंगा के इस कूंए के पानी पीने से पेट का हाजमा ठीक होता है।

पूरे राज्य नही राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने भी इसका उपयोग किया है।असमंजस में पड़े ग्रामीण अब झाड़ फूक के जरिये कारण का पता लगाने की बात कह रहे हैं।