नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भारत की डिजिटल अवसंरचना को नीति-स्तर पर उल्लेखनीय मॉडल बताया।
डिजिटल पहचान का विस्तार
मैक्रों के अनुसार, भारत ने लगभग 140 करोड़ नागरिकों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराई है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े डिजिटल आईडी कार्यक्रमों में से एक है।
डिजिटल भुगतान की गति
उन्होंने भारत के डिजिटल भुगतान ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिमाह करीब 20 अरब लेन-देन दर्ज किए जा रहे हैं। यह प्रणाली छोटे व्यापारियों और असंगठित क्षेत्र तक डिजिटल वित्तीय पहुंच सुनिश्चित कर रही है।
डिजिटल हेल्थ आईडी और एकीकृत ढांचा
करीब 50 करोड़ नागरिकों को जारी डिजिटल हेल्थ आईडी को उन्होंने सार्वजनिक सेवा वितरण में संरचनात्मक सुधार का आधार बताया। उनके अनुसार, इन पहलों ने एक इंटरऑपरेबल डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख क्षेत्र बन चुका है और वैश्विक स्तर पर संतुलित नियमन व सहयोग आवश्यक है।
