गरियाबंद में वन विभाग द्वारा लाख की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन रखा गया है, 18 अक्टूबर से शुरू हुए 4 दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के 12 वनमंडलो के 200 किसान हिस्सा ले रहे है, जहां वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से लाख की खेती करने की जानकारी दी जा रही है,

शिविर में पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि यदि कुसमी लाख की खेती को तकनीकी पद्धति से किया जाए तो यह किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है, दरअसल गरियाबंद के जंगलों में पाये जाने वाले लाख विश्व भर में उच्चतम क्वालिटी का माना गया है,

लेकिन परम्परागत तरीके से की जाने वाली खेती के कारण इसकी पैदावरी सालाना 10 हजार क्वीन्टल ही थी, डीएफओ मयंक अग्रवाल ने उत्पादन बढ़ाने रूचि दिखाई, लाख उत्पादन किये जाने वाले कुसुम के 22 हजार पेड़ का चिन्हांकन भी कराया, अब इन पेड़ों में वैज्ञानिक पद्धति से खेती की जा सके, इसलिये किसानों को तकनीकी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।